Anmol Bishnoi: लॉरेन्स बिश्नोई की तरह अचानक चर्चित हो गया है उसके भाई का नाम..अनमोल बिश्नोई की पकड़-धकड़ हो गई है तो अब मीडिया दो चार दिन उनके नाम की कव्वाली तो गायेगा ही..
सिद्धू मूसेवाला की हत्या… बाबा सिद्दीकी केस… सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग… इन सभी चर्चित घटनाओं में बार-बार एक ही नाम सामने आता रहा—अनमोल बिश्नोई, जो कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है।
अनमोल लंबे समय से अमेरिका में रहकर भारत में कई गंभीर अपराधों की योजना बना रहा था। अलग-अलग राज्यों की पुलिस उसके पीछे लगी हुई थी और उसके खिलाफ 18 बड़े केस दर्ज हैं।
भारत की एजेंसियों की बड़ी सफलता
भारतीय जांच एजेंसियां काफी समय से उसे अमेरिका से वापस लाने की कोशिश कर रही थीं। आखिरकार यह प्रयास सफल हुआ और अमेरिका ने अनमोल बिश्नोई को भारत भेज दिया।
19 नवंबर की सुबह अमेरिका से आए एक विमान में कुल 200 लोग भारत लौटाए गए, जिनमें अनमोल बिश्नोई और पंजाब के दो अन्य वांटेड आरोपी भी शामिल थे। बाकी 197 लोग अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे थे।
भारत पहुंचते ही बढ़ा तनाव
अनमोल के भारत आते ही माहौल गरमा गया, क्योंकि वह लंबे समय से देश की कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कई ऑपरेशन वही संभालता था। इसलिए उसका भारत लौटना गैंगस्टर नेटवर्क के लिए बड़ी चोट माना जा रहा है।
एनआईए और मुंबई पुलिस की कार्रवाई
एनआईए ने अनमोल को मोस्ट वांटेड घोषित कर रखा है। उसके ऊपर 10 लाख रुपये का इनाम है। बई पुलिस ने भी उसके नाम पर लुकआउट नोटिस जारी किया हुआ है। अमेरिका में वह पहले से हिरासत में था और अब भारत को आधिकारिक रूप से सौंप दिया गया है।
यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध के खिलाफ भारत की बड़ी जीत माना जा रहा है।
अपराधों में सीधा नाम
अनमोल का नाम कई गंभीर मामलों में सामने आया है:
सिद्धू मूसेवाला की हत्या में हथियार उपलब्ध कराना।
सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग की जिम्मेदारी लेना।
बाबा सिद्दीकी मर्डर केस की साजिश में शामिल होना।
मुंबई के बांद्रा में सलमान खान के घर के बाहर अप्रैल में हुई गोलीबारी की जिम्मेदारी भी अनमोल ने सोशल मीडिया पर ली थी। वहीं, 12 अक्टूबर 2024 को एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी के बेटे के ऑफिस के बाहर हुई हत्या में शामिल शूटरों से उसका सीधा संपर्क था।
कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा मौका
कुल मिलाकर, अनमोल बिश्नोई का भारत लौटना—चाहे मजबूरी में ही क्यों न हो—जांच एजेंसियों और कानून-व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। अब उसके खिलाफ दर्ज हर केस की जांच आगे बढ़ेगी और लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ताकत कमजोर होने की संभावना और बढ़ गई है।
इस तरह अनमोल का भारत आना केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ भारत की रणनीतिक जीत है।
(त्रिपाठी पारिजात)



