Tuesday, March 10, 2026
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Putin: दिसंबर में भारत आएंगे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन – ऊर्जा, व्यापार &अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर अहम बातचीत

Putin: भारत के सदाबहार मित्र रूस के राष्ट्रपति का भारत आना एक सुखद समाचार है पर अमेरिका, चीन और पाकिस्तान के लिये नहीं! भारत की रूस से नजदीकियाँ भारत को मजबूत करेंगी और उसके दुश्मनों को कमजोर..

Putin: भारत के सदाबहार मित्र रूस के राष्ट्रपति का भारत आना एक सुखद समाचार है पर अमेरिका, चीन और पाकिस्तान के लिये नहीं! भारत की रूस से नजदीकियाँ भारत को मजबूत करेंगी और उसके दुश्मनों को कमजोर..

यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को और भी मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है

रूस ने शुक्रवार को घोषणा की कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर महीने में भारत की आधिकारिक यात्रा पर आने वाले हैं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और रूस के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, और दूसरी तरफ अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर नए शुल्क लगा दिए हैं।

मोदी–पुतिन मुलाकात की तैयारी शुरू

क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन सोमवार को चीन में होने वाले एक क्षेत्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी यूरी उशाकोव ने बताया कि दोनों नेता इस बैठक में दिसंबर की भारत यात्रा से संबंधित सभी तैयारियों पर चर्चा करेंगे।

अमेरिका ने भारत पर क्यों लगाए शुल्क?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयात होने वाले कई सामानों पर शुल्क बढ़ा दिया है।
अमेरिका का कहना है कि:

भारत द्वारा रूसी तेल की बड़ी खरीदारी से रूस की आय बढ़ रही है। यह पैसा यूक्रेन पर रूस के सैन्य अभियान को जारी रखने में मदद करता है। इसलिए भारत पर दबाव बढ़ाया जा रहा है कि वह अपनी तेल खरीद कम करे।

रूस की ऊर्जा बिक्री उसके सरकारी बजट का बड़ा हिस्सा बनाती है, और अमेरिका चाहता है कि इस आय को कम किया जाए।

रूस–भारत के संबंध क्यों खास हैं?

रूस भारत का सबसे बड़ा रक्षा साझेदार रहा है। दोनों देशों की दोस्ती सोवियत काल से ही मजबूत रही है। यूक्रेन युद्ध के बाद भी भारत और रूस के बीच ऊर्जा व्यापार तेज़ी से बढ़ा है।

पश्चिमी देशों ने 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद रूस की ऊर्जा आय घटाने की कोशिश की।
लेकिन रूस ने यूरोप में बिक्री घटने पर तेल और गैस का रुख भारत और चीन की तरफ मोड़ दिया, जिससे उसकी कमाई बनी रही।

भारत का कहना है कि उसने रूस से तेल लिया क्योंकि युद्ध के बाद पारंपरिक सप्लायर देशों ने अपनी आपूर्ति यूरोप की ओर मोड़ दी और भारत को अपनी ऊर्जा ज़रूरतें पूरी करनी थीं

क्या पुतिन की यात्रा पर कोई कानूनी बाधा है?

यूक्रेन युद्ध के दौरान पुतिन की विदेश यात्राएँ काफी सीमित रही हैं।
इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) ने उन पर एक गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है, लेकिन:

भारत ICC का सदस्य नहीं है इसलिए भारत पर पुतिन को गिरफ्तार करने का कोई कानूनी दबाव नहीं है। इसी वजह से उनकी भारत यात्रा में कोई कानूनी अड़चन नहीं मानी जा रही।

दौरे का महत्व क्या है?

पुतिन की भारत यात्रा में इन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है:

ऊर्जा व्यापार और तेल–गैस आयात

रक्षा सहयोग

क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियाँ

अमेरिका और यूरोप से जुड़े कूटनीतिक बदलाव

 

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