Bangladesh: कंग्लादेश में फिर राजनीतिक हिंसा: एनसीपी नेता मोतालेब सिकदर को अज्ञात हमलावरों ने सिर में मारी गोली, कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल..
बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद पैदा हुए तनाव से देश अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि एक और चौंकाने वाली घटना सामने आ गई है। अज्ञात बंदूकधारियों ने एक युवा राजनीतिक नेता को निशाना बनाते हुए गोली मार दी है। घायल नेता की पहचान मोहम्मद मोतालेब सिकदर के रूप में हुई है, जो हाल ही में गठित नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) से जुड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार, हेलमेट पहने कुछ लोग मौके पर पहुंचे, सिकदर को जबरन अपने साथ ले गए और फिर उन पर गोली चला दी।
उस्मान हादी की हत्या के बाद यह दूसरी बड़ी राजनीतिक फायरिंग की घटना मानी जा रही है, जिसने पूरे बांग्लादेश में डर और असुरक्षा का माहौल और गहरा कर दिया है। बताया जा रहा है कि मोहम्मद मोतालेब सिकदर एनसीपी के सक्रिय नेता हैं और खुलना क्षेत्र में पार्टी संगठन से जुड़े अहम पदों पर कार्यरत हैं। इस बार की गोलीबारी की घटना बांग्लादेश के खुलना शहर में हुई, जहां अज्ञात हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मार दी।
घटना का समय भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। जिस वक्त सिकदर पर हमला हुआ, उसी दौरान राजधानी ढाका में मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस देश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय बैठक कर रहे थे। उस्मान हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश के कई इलाकों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। कई स्थानों पर दंगों, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। हाल ही में उपद्रवियों द्वारा दो अखबारों के कार्यालयों को आग के हवाले कर दिया गया था, जबकि कट्टरपंथियों ने एक अल्पसंख्यक नागरिक दीपू दास को जिंदा जला कर मार डालने की घटना को भी अंजाम दिया था।
इन्हीं हालातों की समीक्षा के लिए प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस ढाका स्थित स्टेट गेस्ट हाउस ‘जमुना’ में देश के शीर्ष प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगामी राष्ट्रीय चुनाव से पहले हर हाल में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यूनुस की इस चेतावनी के कुछ ही समय बाद खुलना में एनसीपी नेता मोतालेब सिकदर पर गोली चला दी गई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
KMCH में चल रहा है इलाज
गोली लगने के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने घायल सिकदर की जान बचाई और उन्हें तुरंत खुलना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (KMCH) पहुंचाया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सिकदर को सिर में गंभीर चोट आई है और उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने उनकी खोपड़ी की सीटी स्कैन जांच भी कराई है। यह घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है।
सोनाडांगा पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज रफीकुल इस्लाम ने गोलीबारी की पुष्टि करते हुए कहा कि मोतालेब सिकदर फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है। सिकदर सोनाडांगा थाना क्षेत्र में एक स्कूल के पास रहते हैं।
एनसीपी की जॉइंट मेंबर सेक्रेटरी डॉ. महमूदा मितु ने सोशल मीडिया पर घायल सिकदर की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि एनसीपी खुलना डिविजनल चीफ और पार्टी के लेबर विंग ‘श्रमिक शक्ति’ के सेंट्रल ऑर्गनाइज़र मोतालेब सिकदर को कुछ देर पहले गोली मारी गई है और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है।
विदेशी शराब, महिला कनेक्शन और साजिश की आशंका
बांग्लादेश की समाचार वेबसाइट jagonews24 की रिपोर्ट के मुताबिक, सिकदर अक्सर खुलना के गाजी मेडिकल इलाके में स्थित अल-अक्सा मस्जिद लेन के एक किराए के मकान में जाया करते थे। यह मकान एक दंपति ने किराए पर ले रखा था और इसी स्थान पर गोलीबारी की घटना हुई। पुलिस को शक है कि इस मकान में रहने वाली एक महिला से सिकदर का संपर्क था, हालांकि महिला की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
घटना के बाद पुलिस ने मकान की तलाशी ली, जहां से नशीले पदार्थों के इस्तेमाल से जुड़ा सामान और विदेशी शराब की बोतलें बरामद हुई हैं। अधिकारी महिला की पहचान करने और इस हमले के पीछे की असली वजह का पता लगाने में जुटे हुए हैं।
आपसी विवाद या राजनीतिक साजिश?
खुलना के डिप्टी पुलिस कमिश्नर मोहम्मद ताजुल इस्लाम ने कहा कि शुरुआती जांच में यह मामला आपसी टकराव का भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि जिस इलाके में यह घटना हुई, वहां पहले भी ड्रग्स और महिलाओं से जुड़े अपराधों का इतिहास रहा है।
वहीं, नेशनल सिटिजन पार्टी के खुलना चीफ कोऑर्डिनेटर मुफ्ती फैजुल्लाह ने दावा किया कि उन्होंने खुद सिकदर से बात की है। सिकदर के अनुसार, वह सुबह करीब 10:30 बजे सर्जिकल इलाके के पास एक दुकान पर चाय पी रहे थे। जब उनके साथ मौजूद लोग वहां से चले गए, तभी हेलमेट पहने कुछ लोग आए, उन्हें एक गली में ले गए, उनके साथ मारपीट की और फिर गोली मारकर फरार हो गए।
फैजुल्लाह ने इस हमले के पीछे सत्तारूढ़ अवामी लीग के हाथ होने की आशंका जताई है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।



