Monday, March 2, 2026
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Crime Against Women: डिप्रेशन की दवाई लेकर बेसुध होने वाली मालकिन से नौकर करता था गंदा काम

Crime Against Women: मची लखीमपुर में सनसनी - दवा लेकर सोई महिला से नौकर की हैवानियत - रंगे हाथ पकड़े जाने पर मचा हड़कंप

Crime Against Women: लखीमपुर खीरी में नौकर की हैवानियत: डिप्रेशन की दवा का फायदा उठाकर मालकिन से बार-बार दुष्कर्म, रंगे हाथ पकड़ा गया तो खुला राज..

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के पलिया कोतवाली क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 28 वर्षीय युवक ने अपने मालिक की पत्नी की बीमारी और दवाइयों का फायदा उठाकर लंबे समय तक उसके साथ दुष्कर्म किया।

पीड़िता महिला, उम्र लगभग 41 वर्ष, लंबे समय से डिप्रेशन से जूझ रही थी और डॉक्टर की सलाह पर दवाइयाँ लेती थी। इन दवाइयों के सेवन से उसे गहरी नींद और नशे जैसी स्थिति हो जाती थी। इसी हालत का फायदा उठाकर आरोपी आयुष गर्ग, जो पति की दुकान पर काम करता था और घर के कामों में भी हाथ बंटाता था, बार-बार महिला के साथ गलत हरकत करता रहा।

बीमारी और दवा की लाचारी का फायदा

महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि दवाइयों के कारण वह अक्सर बेसुध रहती थी। इसी दौरान आरोपी घर पहुँचकर उसकी मजबूरी का फायदा उठाता और दुष्कर्म करता। आरोपी को लगा कि महिला कभी नींद से नहीं जागेगी और उसका राज कभी उजागर नहीं होगा।

रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी

मामले में मोड़ 13 फरवरी को आया, जब महिला ने अपनी दवाइयाँ नहीं ली थीं। उसी दिन आरोपी ने हमेशा की तरह गलत हरकत करने की कोशिश की, लेकिन इस बार महिला पूरी तरह होश में थी। उसने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया और कड़ा विरोध किया। खुद को फंसता देख आरोपी ने महिला को जान से मारने की धमकी दी और चुप रहने की चेतावनी देकर भाग गया।

महिला ने हिम्मत जुटाकर पूरी घटना अपने पति को बताई। इसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की।

पुलिस की कार्रवाई

पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया। पलिया एसएचओ पंकज त्रिपाठी ने बताया कि केस BNS की धारा 64 (रेप) और धारा 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत दर्ज किया गया है।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 25 फरवरी को आरोपी आयुष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।

मनोवैज्ञानिक और सामाजिक असर

यह घटना दिखाती है कि मानसिक बीमारी से जूझ रही महिलाओं की सुरक्षा कितनी संवेदनशील है। आरोपी ने भरोसे और नजदीकी का फायदा उठाकर इंसानियत को शर्मसार किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़िता को न्याय की उम्मीद मिली है।

(एनएचजी ब्यूरो)

 

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