Wednesday, February 4, 2026
Google search engine
HomeTop NewsDelhi Air Pollution: दिल्ली लॉक, गाड़ियाँ ब्लॉक! किसे एंट्री, किसे बैन?

Delhi Air Pollution: दिल्ली लॉक, गाड़ियाँ ब्लॉक! किसे एंट्री, किसे बैन?

Delhi Air Pollution: बिना आग दिल्ली धुआँ धुआँ - ऊपर से जितना नजर आ रहा है उससे कहीं अधिक आग लगा रखी है वायु प्रदूषण ने दिल्ली एनसीआर के लोगों की जिन्दगी में..

Delhi Air Pollution: बिना आग दिल्ली धुआँ धुआँ – ऊपर से जितना नजर आ रहा है उससे कहीं अधिक आग लगा रखी है वायु प्रदूषण ने दिल्ली एनसीआर के लोगों की जिन्दगी में..

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत सख्त पाबंदियाँ लागू की हैं। इसका मकसद हवा की गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोकना है। यह योजना वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI के आधार पर चार चरणों में लागू होती है। जब AQI 201 से 300 के बीच होता है तो पहला चरण, 301 से 400 पर दूसरा, 401 से 450 पर तीसरा और 450 से ऊपर जाने पर चौथा चरण लागू किया जाता है।

ग्रैप के तीसरे चरण में दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल के चार पहिया वाहनों के चलने पर सख्त रोक रहती है। हालांकि, दिव्यांग लोग अपने निजी इस्तेमाल के लिए इन दोनों श्रेणियों के वाहन चला सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में वे ईंट भट्ठे, हॉट मिक्स प्लांट और स्टोन क्रशर बंद कर दिए जाते हैं, जो स्वच्छ ईंधन पर नहीं चलते।

ग्रैप के चौथे चरण में पाबंदियाँ और कड़ी हो जाती हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली वितरण से जुड़ी परियोजनाओं और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर, सभी तरह के निर्माण और तोड़फोड़ कार्य पूरी तरह बंद कर दिए जाते हैं। इस चरण में दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक रहती है। केवल जरूरी सामान लेकर आने वाले ट्रक, सीएनजी या इलेक्ट्रिक ट्रक और बीएस-6 इंजन वाले ट्रकों को ही छूट मिलती है। दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-जरूरी हल्के वाणिज्यिक वाहनों को भी राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं होती। साथ ही दिल्ली में पंजीकृत डीजल से चलने वाले भारी मालवाहक वाहनों पर भी रोक लगाई जाती है, चाहे वे बीएस-6 से पुराने ही क्यों न हों।

अब जानते हैं कि दिल्ली बैन – कौन-सी गाड़ी चलेगी, कौन-सी नहीं.
GRAP-3 लागू | प्रदूषण गंभीर
पूरी तरह बैन / एंट्री नहीं
• दिल्ली के बाहर की BS-6 से नीचे (BS-IV / BS-III) प्राइवेट गाड़ियाँ
• पुराने डीज़ल ट्रक (ज़रूरी सामान नहीं लाते)
• निर्माण गतिविधियाँ (गैर-ज़रूरी)
• खुले में कचरा/ईंधन जलाना
सशर्त अनुमति
• दिल्ली रजिस्टर्ड BS-6 पेट्रोल/डीज़ल कारें – चलेंगी, लेकिन अनावश्यक यात्रा से बचाव
• BS-6 कमर्शियल वाहन – सीमित रूट/टाइम में
• कैब/ऑटो – नियमों के साथ
पूरी छूट
• इलेक्ट्रिक वाहन (EV)
• CNG वाहन
• एम्बुलेंस, फायर, पुलिस
• दूध, सब्ज़ी, दवा, पानी जैसी ज़रूरी सप्लाई
पेट्रोल-डीज़ल पर नियम
• BS-6 से नीचे वाहनों को ईंधन नहीं (कई पंपों पर सख़्त चेक)
स्कूल-ऑफिस
• स्कूल: स्थिति पर निर्भर, हाइब्रिड/ऑनलाइन विकल्प
• ऑफिस: WFH की सलाह, सरकारी दफ्तरों में सीमित उपस्थिति
जुर्माना
• एंट्री/नियम तोड़ने पर ₹20,000 तक चालान + वाहन जब्ती संभव
क्यों बैन?
• दिल्ली-NCR का AQI Very Poor–Severe
• वाहन धुआँ + निर्माण धूल + मौसम = आपात कदम
बैन कब हटेगा?
• जब AQI लगातार सुधरेगा
• GRAP-3 → GRAP-2 पर आएगा
• यानी हवा बेहतर, पाबंदी हल्की
ये बैन सज़ा नहीं, बचाव है।
अगर आज सख़्ती नहीं, तो कल सांस लेना भी लक्ज़री बन जाएगा।

ग्रैप-4 लागू होने पर दफ्तरों और स्कूलों के लिए भी दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। सरकारी और निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करना होता है और बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना पड़ता है। स्कूलों में कक्षा 6 से 9 और कक्षा 11 की पढ़ाई ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में कराई जा सकती है। यह आदेश पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत लागू किए जाते हैं और एनसीआर के सभी जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में इन्हें लागू कर सकते हैं।

इसके अलावा, प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए दिल्ली सरकार ने यह भी फैसला किया है कि बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी पीयूसी वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। साथ ही गैर-बीएस-6 मानकों वाले बाहरी राज्यों में पंजीकृत वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है। इन सभी कदमों का उद्देश्य राजधानी और एनसीआर की हवा को साफ रखना और लोगों के स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान को कम करना है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments