10 नवंबर की शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुई i20 कार में विस्फोट की घटना ने पूरी दिल्ली को हिला दिया था। इस धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज़्यादा लोग घायल हुए। केंद्र सरकार ने इसे आतंकी हमला घोषित कर दिया है और इसकी जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है।
अमित शाह के आवास पर हुई बड़ी बैठक
घटना के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर रात 8:45 बजे (13 नवंबर) एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, गृह सचिव गोविंद मोहन और खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका मौजूद रहे। बैठक में दिल्ली में हुए इस धमाके और अब तक की जांच की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। इससे पहले अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली थी।
अल फलाह यूनिवर्सिटी और फंडिंग पर जांच
सुरक्षा एजेंसियों ने इस हमले की जांच में हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी पर ध्यान केंद्रित किया है। सूत्रों के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के सारे रिकॉर्ड्स का फोरेंसिक ऑडिट किया जाएगा। साथ ही, प्रवर्तन निदेशालय (ED) वहां के पैसों के लेन-देन की जांच कर रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध फंडिंग नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
250 से ज़्यादा लोगों से पूछताछ
इस केस में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी इंटर-स्टेट आतंकी साजिश की भी जांच हो रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक कश्मीर में 250 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। ये पूछताछ रेड फोर्ट कार ब्लास्ट से जुड़े ‘सफेदपोश मॉड्यूल’ के नेटवर्क को समझने के लिए की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें कुछ डॉक्टर और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। जांच एजेंसियां अब इस पूरे मॉड्यूल की फंडिंग, साजिश, और विभिन्न राज्यों में फैले नेटवर्क की गहराई से छानबीन कर रही हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक में साफ कहा कि इस घटना के दोषियों को ऐसी सज़ा दी जाएगी, जो आने वाले समय में एक मिसाल बनेगी।



