Epstein Files: पिक्चर अभी बहुत बाकी है दोस्तों, मगर कमाल है पिक्चर में अभी तक सामने आये चेहरों पर न कोई शिकन आई न मीडिया उन पर चिल्लाई न अदालत उन पर गुर्राई..
एपस्टीन फाइल के नए खुलासों ने विज्ञान जगत को चौंका दिया है। इन दस्तावेज़ों में उस अमेरिकी वैज्ञानिक का नाम सामने आया है जिसकी खोज ने मेडिसिन और जेनेटिक्स की दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया। यह वैज्ञानिक हैं जेम्स वॉटसन, जिन्होंने डीएनए की संरचना (Double Helix) की खोज की थी।
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी तस्वीरों में वॉटसन, एपस्टीन के न्यूयॉर्क स्थित महल में तीन युवतियों के साथ दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में युवतियों के चेहरे धुंधले कर दिए गए हैं। हालांकि इन तस्वीरों को किसी गलत काम का सबूत नहीं माना गया है, लेकिन इनके सामने आने से नया विवाद खड़ा हो गया है।
वॉटसन की महान खोज
जेम्स वॉटसन ने 1953 में फ्रांसिस क्रिक के साथ मिलकर डीएनए की दोहरी कुंडली संरचना की खोज की थी। इस खोज के लिए उन्हें 1962 में नोबेल पुरस्कार मिला। यह खोज आधुनिक जेनेटिक्स की नींव बनी और इंसान की आनुवंशिक जानकारी को समझने का मार्ग प्रशस्त किया।
वॉटसन का निधन 2025 में 97 वर्ष की आयु में हुआ। उनकी मौत के बाद एपस्टीन फाइल में उनकी तस्वीरें सामने आईं।
तस्वीरों की तारीख और विवाद
ब्रिटेन के अखबार द टेलिग्राफ के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि तस्वीरें कब ली गईं, लेकिन माना जाता है कि ये 2010 के दशक के बीच से अंत तक की हैं। उस समय एपस्टीन जेल से रिहा हो चुका था। पहले प्रकाशित ईमेल्स में एपस्टीन और वॉटसन की दोस्ती का संकेत मिला था, लेकिन यह पहली बार है जब वॉटसन को एपस्टीन के घर पर देखा गया।
तस्वीरों में एक महिला एक डॉक्यूमेंट पकड़े दिख रही है, जिसका शीर्षक है – Stopping Incurable Cancers Through Eliminating Their Anti-Oxidants। इसी विषय पर वॉटसन ने 2013 में एक पेपर प्रकाशित किया था।
एपस्टीन और जेनेटिक्स
एपस्टीन को मानव जीनोम और जेनेटिक्स में गहरी दिलचस्पी थी। माना जाता है कि वह सेलेक्टिव ब्रीडिंग के जरिए इंसानियत को “बेहतर” बनाने की सोच रखता था। न्यू मेक्सिको स्थित अपने रैंच पर उसने महिलाओं को गर्भवती कर अपने डीएनए से इंसानों में बदलाव करने की योजना पर भी चर्चा की थी।
वॉटसन के विवाद
हालांकि वॉटसन की खोज ने विज्ञान को नई दिशा दी, लेकिन उनका करियर विवादों से भरा रहा। 2007 में उन्होंने अफ्रीकी लोगों की बुद्धिमत्ता पर विवादित टिप्पणी की थी, जिसके लिए बाद में माफी मांगी। लेकिन 2019 में एक डॉक्यूमेंट्री में अपनी बातों को दोहराने के बाद उनसे उनके ऑनरेरी वैज्ञानिक पद छीन लिए गए।
(त्रिपाठी पारिजात)



