Imran Khan जिन्दा हैं या नहीं – इस सवाल के साथ एक बड़ा सवाल ये भी है कि क्या इमरान को बचाने के लिए लोग सड़कों पर उतरेंगे, और क्या इस पूरे आंदोलन की अगुवाई उनके दोनों बेटे करेंगे?..
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के दोनों बेटे—सुलेमान और कासिम—अब अपने पिता की रिहाई को लेकर बेहद सक्रिय हैं। वे लंदन में रहते जरूर हैं, लेकिन इन दिनों उन्हें नींद तक नहीं आ रही। पाकिस्तान में भी इमरान के समर्थकों के बीच बेचैनी फैली हुई है। बड़ा प्रश्न यह बन गया है कि क्या इमरान को बचाने के लिए लोग सड़कों पर उतरेंगे, और क्या इस पूरे आंदोलन की अगुवाई उनके दोनों बेटे करेंगे?
सुलेमान और कासिम लंदन में पले-बढ़े हैं, लेकिन उनके पिता को लेकर चल रही अनिश्चितता उन्हें लगातार परेशान कर रही है। इमरान खान को लेकर दुनिया भर में चर्चा है। लोग यह जानना चाहते हैं कि वह किस हालत में हैं, कहां रखे गए हैं और क्या वह सुरक्षित हैं भी या नहीं। पाकिस्तान की गलियों में तरह-तरह की बातें फैल रही हैं, लेकिन सरकार और सेना इन चर्चाओं को शांत करने की कोशिश कर रही है।
इमरान खान की बहनें लगातार जेलों और अदालतों के चक्कर लगा रही हैं। उनके समर्थक भी अब खुलकर विरोध में उतर आए हैं। वहीं सेना के सहारे चल रही शहबाज शरीफ सरकार इस पूरे मामले पर खामोश नजर आती है। इमरान की बहनें मुद्दा उछाल चुकी हैं, इसलिए अब सबकी निगाहें उनके बेटों पर टिक गई हैं, जो लंदन में रहकर भी अपने पिता को लेकर बेहद चिंतित हैं।
इमरान के छोटे बेटे कासिम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश लिखकर शहबाज सरकार को चेताया है। उन्होंने पूछा है कि आखिर उनके पिता कहां हैं। उन्होंने दुनिया के कई देशों की सरकारों और मानवाधिकार संगठनों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। कासिम ने यहां तक कहा है कि उनके पिता के बारे में फैल रही हत्या जैसी अफवाहों को रोकने के लिए प्रमाण पेश किए जाएं।
इमरान खान लंबे समय से पाकिस्तान की राजनीति के अहम चेहरे रहे हैं। उन पर कई बार जानलेवा हमले भी हुए। एक बार वह घायल तक हो गए थे, लेकिन तब भी उनके बेटों ने सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। हालांकि इस बार स्थिति बिल्कुल अलग है। पिछले तीन हफ्तों से इमरान से किसी को भी मिलने नहीं दिया जा रहा, जिससे पूरे पाकिस्तान में रोष है। अब सभी यह जानना चाहते हैं कि क्या सुलेमान और कासिम इस्लामाबाद पहुंचकर अपने पिता की लड़ाई खुद लड़ेंगे।
पार्टी प्रवक्ता ने बेटे के पाकिस्तान आने पर क्या कहा?
पार्टी के प्रवक्ता अब्दुल समद याकूब का कहना है कि पहले भी जब दोनों बेटे पाकिस्तान आने को तैयार थे, तब उन्हें धमकियां दी गईं कि आते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा या उनकी जान जोखिम में पड़ जाएगी। उन्होंने बताया कि मौजूदा हालात में पाकिस्तान में सुरक्षा की स्थिति ठीक नहीं है और इमरान के बेटों की सुरक्षित वापसी मुश्किल हो सकती है। याकूब ने यह भी कहा कि अगर वे पाकिस्तान आते हैं तो संभव है उन्हें पकड़कर इमरान पर दबाव बनाया जाए। उन्होंने साफ कहा कि जो कुछ इमरान के साथ हो रहा है, उसकी जिम्मेदारी पूरी तरह सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर है।
इमरान के वकील ने क्या कहा?
इमरान खान के वकील फैसल चौधरी ने बताया कि विपक्षी नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार पाकिस्तान में सामान्य होता जा रहा है, और इसे बदलने की आवश्यकता है। जेल प्रशासन के अनुसार इमरान खान ठीक हैं, और वकील ने भी उनसे बात होने की बात कही। लेकिन परिवार और कानूनी टीम को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा। मंगलवार और गुरुवार को मिलने का तय समय होता है, लेकिन अब किसी को इजाजत नहीं दी जा रही। अदालत में अपील की गई है, लेकिन अभी तक कोई राहत नहीं मिली।
इमरान के बेटों का पहले पाकिस्तान आने का प्रयास
तीन महीने पहले, 5 अगस्त को भी दोनों बेटे पाकिस्तान आना चाहते थे, लेकिन गिरफ्तारी के डर से नहीं आ सके। उन्होंने कहा था कि वे अपने पिता के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। उनका मानना था कि शायद उनके आने से कोई फर्क पड़े। लेकिन शहबाज सरकार ने तब यह कहा था कि आते ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। पाकिस्तान में रह रहे रिश्तेदारों ने भी उन्हें चेताया था कि उनकी जान को खतरा है। इसके बावजूद वे वीजा लेने की कोशिश कर रहे थे।
कासिम की सरकार को कड़ी चेतावनी
इमरान समर्थक बहुत गुस्से में हैं, वहीं सरकार और सेना पूरे मामले का मजाक उड़ा रही है। लेकिन अब इमरान के बेटे खुलकर रिहाई के अभियान में जुट गए हैं। कासिम ने X पर लिखा कि उनके पिता को 845 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। पिछले छह हफ्तों से उन्हें एकांत ‘डेथ सेल’ में रखा गया है, जहां न कोई मुलाकात की अनुमति है, न ही फोन या मैसेज की। उन्होंने कहा कि उनकी बुआओं को भी मिलने नहीं दिया जा रहा। उनके मुताबिक यह सब सुरक्षा कारणों से नहीं, बल्कि जानबूझकर किया जा रहा है।
कासिम ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पिता की हालत को छिपाया जा रहा है। उन्होंने शहबाज सरकार और सेना से कहा कि इमरान की सुरक्षा और इस अमानवीय कैद के हर नतीजे की जिम्मेदारी उन्हें ही उठानी होगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
लंदन में मां के साथ रहते हुए भी पाकिस्तान से जुड़ाव
दोनों बेटे अपनी मां जेमिमा के साथ ब्रिटेन में रहते हैं, लेकिन उनका मन पाकिस्तान में अपने पिता की अनिश्चित स्थिति को लेकर लगा है। बचपन से ही वे पिता को लेकर चिंता के माहौल में बड़े हुए थे। इमरान कई बार कह चुके हैं कि उनके बेटे चाहते थे कि वे राजनीति से दूरी रखें। बड़ा बेटा सुलेमान खास तौर पर संवेदनशील है और पिता की सुरक्षा को लेकर हमेशा परेशान रहता था।
दोनों बेटे शुरू से ही राजनीति और मीडिया से दूर रखे गए, लेकिन इस बार हालात ने उन्हें पीछे नहीं रहने दिया। उनका मानना है कि सेना प्रमुख आसिम मुनीर उनके पिता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी साल 1 अगस्त को दोनों ने कहा था कि वे इमरान को जेल से बाहर निकालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वे अमेरिका भी गए और कई नेताओं से मुलाकात की, ताकि इस मामले में दबाव बनाया जा सके।
पहली बार पाकिस्तान में ऐसा माहौल
पाकिस्तान में लोकतंत्र कभी पूरी तरह मजबूत नहीं रहा। सेना हमेशा सत्ता के केंद्र में रही है। नवाज, शहबाज हों या भुट्टो परिवार—सभी ने सेना की मंजूरी से ही राजनीति चलाई। इमरान को भी सेना ने ही आगे बढ़ाया था, लेकिन जब उन्होंने सेना की दखल पर सवाल उठाया, तो उन्हें जेल भेज दिया गया। पहली बार ऐसा हो रहा है कि किसी पूर्व प्रधानमंत्री की जानकारी को इस स्तर पर छिपाया जा रहा है, और यही बात इमरान समर्थकों को सबसे ज्यादा परेशान कर रही है।



