Saturday, March 7, 2026
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Miss Universe 2025: मैक्सिको की फ़ातिमा बनीं विजेता – भारतीय मूल की मिस थाईलैंड प्रवीणार सिंह ने बटोरी चमक

Miss Universe 2025: मैक्सिको की फ़ातिमा बनीं विजेता, लेकिन भारतीय मूल की मिस थाईलैंड प्रवीणार सिंह ने बटोरी पूरी चमक..

Miss Universe 2025: मैक्सिको की फ़ातिमा बनीं विजेता, लेकिन भारतीय मूल की मिस थाईलैंड प्रवीणार सिंह ने बटोरी पूरी चमक..

Miss Universe 2025 में एक तरफ मैक्सिको की फ़ातिमा ने अपनी दमदार ऊर्जा से सभी को प्रभावित किया, तो दूसरी ओर थाईलैंड की भारतीय मूल की प्रतिभागी प्रवीणार सिंह ने अपने सधे हुए अंदाज़ और खूबसूरत ग्रेस से पूरे मंच पर अपना अलग ही जादू बिखेर दिया। भले ही ताज फ़ातिमा के सिर पर रखा गया, पर प्रवीणार ने अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों के दिलों में जो जगह बनाई, उसने उन्हें रनर-अप होकर भी शो की असली स्टार बना दिया।

Ms Mexico is new Miss Universe
Ms Mexico is new Miss Universe

इस साल के Miss Universe मंच पर मैक्सिको की फ़ातिमा बोश और मिस थाईलैंड प्रवीणार सिंह, दोनों ने अपनी-अपनी शैली में शानदार उपस्थिति दर्ज कराई। फ़ातिमा जहां तेज़, आत्मविश्वासी और बेहद प्रभावशाली अंदाज़ में नज़र आईं, वहीं प्रवीणार ने अपनी कोमल स्टाइल, सहजता और सौम्यता से सभी का दिल जीत लिया। दोनों ने बेहतरीन प्रस्तुति दी, लेकिन उनका तरीक़ा और मंच पर दिखने वाला व्यक्तित्व बिल्कुल अलग रहा, जिसने इस मुकाबले को और ज़्यादा रोचक बना दिया।

थाईलैंड में हुए ग्रैंड फिनाले के दौरान फ़ातिमा ने अपने बेहतरीन आत्मविश्वास, शानदार स्टेज प्रेज़ेंस और चतुराई भरे जवाबों से निर्णायकों और दर्शकों, दोनों को प्रभावित कर दिया। 25 साल की यह कम्युनिकेशन ग्रेजुएट और एक्टिविस्ट शुरुआत से ही पसंदीदा प्रतिभागियों में गिनी जा रही थीं। अंततः उन्होंने Miss Universe 2024 की विजेता विक्टोरिया केयर थेलविग से क्राउन प्राप्त कर नई मिस यूनिवर्स के रूप में इतिहास रच दिया।

उधर भारतीय मूल की प्रवीणार सिंह, जो मिस थाईलैंड 2025 के रूप में मेजबान देश की प्रतिनिधि थीं, रनर-अप बनकर भी विश्वभर के दर्शकों की प्रशंसा हासिल कर गईं। उन्होंने मंच पर अपने शांत आत्मविश्वास, संतुलित व्यक्तित्व और प्रभावशाली कम्युनिकेशन स्किल से ऐसा प्रभाव छोड़ा कि लोग उन्हें भी विजेता जैसा सम्मान देने लगे। सोशल मीडिया पर कई लोग यह तक कह रहे हैं—“क्राउन भले मैक्सिको ले गया हो, लेकिन पूरा मंच प्रवीणार का ही था!”

फ़ातिमा की स्टेज प्रेज़ेंस बेहद निखरी हुई, अंतरराष्ट्रीय स्तर की और ग्लैमरस दिखाई दे रही थी। हर राउंड में वे पूरी तरह सहज दिखीं और उनका बॉडी लैंग्वेज यह साफ इशारा कर रहा था कि वे ताज जीतने के इरादे से ही आई हैं। उनकी वॉक, पोज़ और मुस्कान—हर चीज़ बिल्कुल परफेक्ट नज़र आई।

दूसरी तरफ प्रवीणार की स्टेज प्रेज़ेंस प्राकृतिक, सुरुचिपूर्ण और बेहद संतुलित थी। उन्होंने हर राउंड में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसमें न अतिशयोक्ति थी और न ही किसी प्रकार का दबाव। होस्ट कंट्री की प्रतिनिधि के रूप में उनमें एक अलग ही चमक दिख रही थी। उनकी पर्सनालिटी में भारतीय गर्मजोशी और थाईलैंड की परिष्कृत शैली का सुंदर मेल दिखाई दिया।

इवनिंग गाउन राउंड में फ़ातिमा ने अपनी प्रभावी वॉक और गाउन को बखूबी कैरी करते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके आत्मविश्वास, अंदाज़ और कैमरा कनेक्ट ने यह राउंड उनका सबसे मजबूत साबित किया और स्टेज पर पूरी तरह उनका कब्ज़ा दिखाई दिया।

प्रवीणार की वॉक इस राउंड में बेहद नर्म, लयबद्ध और एलीगेंट थी। उन्होंने जिस सहजता से अपना गाउन कैरी किया, उसकी खूब सराहना हुई। हालांकि फ़ातिमा ने इस राउंड में जिस ग्लैमरस प्रभाव के साथ मंच पर उपस्थिति दर्ज कराई, उससे तुलना करने पर प्रवीणार थोड़ी पीछे रह गईं।

सवाल-जवाब राउंड में फ़ातिमा ने हर प्रश्न का जवाब बेहद स्पष्ट, ठोस और सोच-समझकर दिया। उनकी एक्टिविस्ट पृष्ठभूमि ने उनके उत्तरों को और अधिक भरोसेमंद और प्रभावशाली बना दिया। इसी राउंड ने उनके लिए क्राउन को लगभग सुनिश्चित कर दिया था।

प्रवीणार ने भी इस राउंड में अपनी समझदारी, शांत स्वभाव और सामाजिक मुद्दों पर संवेदनशील दृष्टिकोण से सभी को प्रभावित किया। उनका जवाब देने का तरीका बेहद परिपक्व दिखाई दिया। हालांकि वे थोड़ा सौम्य और संयत टोन में रहीं, लेकिन उनकी गरिमा, एलीगेंस और सकारात्मक आभा ने दर्शकों का दिल जीत लिया। होस्ट कंट्री होने की वजह से उन्हें अद्भुत समर्थन भी मिला।

फ़ातिमा बोश की जीत जितनी आकर्षक थी, उतनी ही नाटकीय भी। कुछ दिन पहले वे रिहर्सल के दौरान एक घटना के चलते सुर्खियों में आ गई थीं, जब बताया गया कि एक थाई डायरेक्टर की डांट के बाद वे अपने गाउन और हील्स में ही स्टेज से बाहर चली गई थीं। यह वीडियो खूब वायरल हुआ। लेकिन फ़ातिमा ने कमाल की पेशेवरिता दिखाते हुए फिर से वापसी की और यह साबित किया कि असली क्वीन वही होती है जो हर परिस्थिति में अपनी गरिमा बनाए रखे।

वहीं प्रवीणार सिंह ने मंच पर जिस तरह का आत्मविश्वास, सकारात्मक ऊर्जा और संवाद क्षमता दिखाई, उसने उन्हें भी विजेता जैसी पहचान दिलाई। दर्शक आज भी कह रहे हैं—“ताज भले किसी और के सिर गया हो, लेकिन असली शो प्रवीणार ने ही अपने नाम किया!”

(अर्चना शेरी)

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