Namo Bharat ट्रेन में आपत्तिजनक हरकत का वीडियो वायरल: युवक-युवती पर दर्ज हुई FIR, वीडियो फैलाने वालों पर भी चलेगा कानून का डंडा..
गाजियाबाद–मेरठ खंड पर चलने वाली आरआरटीएस (नमो भारत) ट्रेन में एक युवा जोड़े के बीच कथित तौर पर आपत्तिजनक/अश्लील हरकतों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
नमो भारत रैपिड रेल में हाल ही में सामने आई एक आपत्तिजनक घटना ने न केवल प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस को जन्म दे दिया है। इस मामले में एक युवक और युवती द्वारा सार्वजनिक परिवहन के भीतर अशोभनीय आचरण किए जाने का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस और रेल प्रशासन ने संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई का रास्ता अपनाया है।
घटना सामने आते ही संबंधित जिले की पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए युवक और युवती के खिलाफ सार्वजनिक शालीनता भंग करने, सार्वजनिक स्थान पर अनुचित आचरण करने तथा नैतिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचाने जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि नमो भारत जैसी आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में इस तरह की हरकतें न केवल सामाजिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।
इसी के साथ पुलिस प्रशासन ने एक अहम और सख्त निर्णय लेते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों पर ही नहीं, बल्कि उस वीडियो को रिकॉर्ड करने, उसे एडिट कर सोशल मीडिया पर अपलोड करने और जानबूझकर वायरल करने वालों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार किसी की निजता का उल्लंघन कर वीडियो बनाना, बिना अनुमति प्रसारित करना और सनसनी फैलाने के उद्देश्य से शेयर करना साइबर अपराध की श्रेणी में आता है, जिस पर कड़ी सजा का प्रावधान है।
पुलिस की साइबर सेल इस समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की गहन निगरानी कर रही है। वायरल वीडियो के मूल स्रोत, उसे अपलोड करने वाले अकाउंट्स और उसे व्यापक स्तर पर फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। जल्द ही इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं।
रेल प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यात्रियों से अपील की है कि नमो भारत ट्रेन जैसे सार्वजनिक संसाधनों में यात्रा के दौरान मर्यादित और जिम्मेदार व्यवहार करें। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर बिना किसी नरमी के सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड की वायरल सनसनी के लिए किस तरह व्यक्तिगत मर्यादा, कानून और सामाजिक जिम्मेदारी को ताक पर रखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में कठोर कार्रवाई एक उदाहरण बनेगी, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों को निजी हरकतों का मंच न समझे।
(न्यूज़ हिन्दू ग्लोबल ब्यूरो)



