Saturday, August 30, 2025
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Parakh Saxena writes: हर भारतीय को उतरना होगा 2.5 मोर्चे के खिलाफ देश की लड़ाई में

Parakh Saxena के इस लेख में भारत बनाम ढाई मोर्चे की लड़ाई साफ समझ में आयेगी..पर हालात बेहतर होंगे, ऐसा लगता है..

Parakh Saxena के इस लेख में भारत बनाम ढाई मोर्चे की लड़ाई साफ समझ में आयेगी..पर हालात बेहतर होंगे, ऐसा लगता है..
पाकिस्तानी मीडिया ने वह सूची लीक कर दीं जिसमे मारे गए सैनिको के नाम थे, ज़ब अहसास हुआ तो वो न्यूज डिलीट कर दीं गयी मगर तब तक सारे नाम लोगो ने फैला दिये।
पाकिस्तान के कुल 155 सैनिक मारे गए, आतंकवादियों का तो हिसाब ही अलग है ये तो सिर्फ सेना है। इसे ऐसे समझिये कि अमेरिका ने 2011 मे पाकिस्तान पर ड्रोन हमले किये थे उसमे सिर्फ 24 सैनिक मरे थे।
ये 155 भी क्या पता बस सूची का एक हिस्सा हो, असली नंबर और हो लेकिन आप ये देखिये कि कांग्रेस इस पर मौन है। कैसा होता यदि पाकिस्तानी मीडिया भारत के नुकसान की खबर छापता? क्या ये लोग तब उतने शांत होते?
ये अंतर है कांग्रेस बीफोर एन्ड आफ्टर सोनिया का। इससे ओछी राजनीति का कोई और उदाहरण आपको नहीं मिलेगा।
बांग्लादेश की सेना पाकिस्तान से कांटेक्ट करती है वही बंगाल मे ममता बनर्जी बांग्लादेशियो को घुसाने के लिये बंगाल गौरव यात्रा कर रही है। कोई डॉट कनेक्ट हो रहा है?
राहुल गाँधी जनता को सड़को पर उतरने को कह रहा है, ऊपर से अमेरिका जानबूझ कर ऐसे काम कर रहा है कि संबंध इतने बिगड जाए कि भारत का डॉलर रिजर्व फ्रीज करने की नौबत आ जाए।
भारत मे मुसलमान घरो से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे मगर सोशल मीडिया पर डेमेज करने मे लगे है। अभी पिछले हफ्ते की ही बात है एक हिन्दू महिला की डीपी और नाम वाली आईडी से प्रो कांग्रेस कमेंट आया।
उसकी रिसर्च की तो पता चला वो किसी मुसलमान की आईडी है, इसलिए सोशल मीडिया पर आप जब कभी हिन्दू नामो के साथ किसी प्राइवेट आईडी के कमेंट देखे तो तय मानिये 10 मे से 7 फेक है, ख़ासकर महिलाओ के।
संकट चौतरफा है मगर आप काउंटर भी देखिये, भाजपा शासित राज्यों मे मुसलमानो की गिरफ्तारी एकतरफा बढ़ गयी है। गृहयुद्ध हुआ तो गैर भाजपाई राज्यों के हिन्दुओ को जरूर क़ीमत चुकानी पड़ सकती है।
राहुल गाँधी को भीड़ नहीं मिल रही है, RJD के साथ मिलकर रैली निकाल रहा है फिर भी स्थिति खराब है। ममता बनर्जी का इलाज ढूंढना थोड़ा कठिन हो रहा है इसलिए बांग्लादेश बॉर्डर पर चौकसी बढ़ा दीं गयी।
सबसे मुश्किल अमेरिका था, लेकिन ये जिस तरह के बयान दे रहा है समझ नहीं आता कि सुपरपॉवर कौन है? टेरीफ लगाए तो भारत ने रूस से और ज्यादा तेल खरीद लिया। अब बोल रहे है प्लीज बिल्कुल मत खरीदो, समझ नहीं आता ये धमकी दे रहे है या भीख मांग रहे है।
सबसे बड़ा सवाल सुपरपॉवर भारत है या अमेरिका? वास्तविकता यह है कि अमेरिका ने यूक्रेन के चक्कर मे अपनी विदेश नीति खराब की है। खुद अमेरिका के थिंक टैंक बोल रहे है कि क्लिंटन, बुश और खुद ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल मे जो भारत का विश्वास जीता था वो सब खत्म हो गया।
ये वो दौर है जिसे हर भारतीय याद रखेगा, अमेरिका ने किस तरह एक नोबल पुरुस्कार के चक्कर मे भारत पर वार किया, कैसे कांग्रेस ने राष्ट्रीय आपदा को गृहयुद्ध के अवसर मे बदलने की कोशिश की और मुसलमानो की देशभक्ति कभी शक के घेरे से बाहर नहीं आ सकती।
फिर भी ये निश्चित मानिये सब हारेंगे। अमेरिका भी झुकेगा, जेहादियों को फिर बिल मे घुसना होगा और कांग्रेस….. ये एक अवलोकन है कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर यदि बात आ गयी तो ये राहुल गाँधी की राजनीति नहीं जीवन का भी अंतिम पड़ाव ही चल रहा है।
देशवासियों को उम्मीद का दामन छोड़ना नहीं है पर तैयार रहना है अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिये अपनी भूमिका में क्योंकि राष्ट्र है तो हम हैं !!
(परख सक्सेना)
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