Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जारहे प्लेन के क्रैश हो जाने पर कई प्रश्न सामने आये हैं तो वहीं कई प्रश्नों के उत्तर अभी तक सामने नहीं आये हैं..क्या सचमुच था ये विमान हादसा..
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार को बारामती ले जा रहा विमान अचानक क्रैश हो गया। बताया जाता है कि हादसे से ठीक पहले पायलट के आखिरी शब्द थे — “ओह शिट… ओह शिट…” और इसके तुरंत बाद विमान गिर गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद कई सवाल उठे। परिवार ने इसे साजिश बताया और हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की।
कई दिनों तक लोगों के मन में यही सवाल घूमता रहा कि आखिर ऐसी कौन सी गलती हुई, जिससे इतनी बड़ी घटना हो गई। अब कई हफ्तों बाद एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी AAIB ने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में कुछ अहम बातें सामने आई हैं।
पायलट की गलती नहीं थी
AAIB की प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे में पायलट की कोई गलती नहीं थी। क्रैश से ठीक पहले पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी ATC के बीच बातचीत सामान्य थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दोनों पायलटों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया गया था, जो पूरी तरह संतोषजनक था। यानी दोनों पायलट होश में थे और उड़ान के लिए फिट थे।
इस खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि हादसा पायलट की लापरवाही की वजह से नहीं हुआ।
लैंडिंग के दौरान क्या हुआ?
रिपोर्ट के अनुसार, ATC ने पायलट को बताया कि दृश्यता लगभग 3 किलोमीटर है। इसके बाद विमान ने पहली बार लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन गो-अराउंड किया। दूसरी कोशिश में पायलट ने रनवे देखने की पुष्टि की। इसके बाद टावर ने उन्हें रनवे 11 पर लैंडिंग की अनुमति दे दी। टावर के अनुसार उस समय मौसम सामान्य था और हवा शांत थी।
लेकिन लैंडिंग की अनुमति मिलने के कुछ ही पल बाद, टावर को पायलट की आवाज सुनाई दी — “ओह शिट… ओह शिट…” और तुरंत बाद विमान रनवे के बाईं ओर, थ्रेशोल्ड के पास क्रैश हो गया।
बारामती एयरपोर्ट की कमियां
रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक बात बारामती एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कही गई है। AAIB ने संकेत दिया है कि एयरपोर्ट में कई तरह की कमियां थीं। हालांकि प्राथमिक रिपोर्ट में पूरी तकनीकी वजह नहीं बताई गई है, लेकिन यह साफ है कि जांच का फोकस अब एयरपोर्ट की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर है।
इससे एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या छोटे शहरों के एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो रहा है या नहीं।
ब्लैक बॉक्स से मिलेगी सच्चाई
हादसे की असली वजह जानने के लिए जांच टीम ने विमान के पिछले हिस्से से दोनों रिकॉर्डर, जिन्हें आम भाषा में ब्लैक बॉक्स कहा जाता है, बरामद कर लिए हैं।
लेकिन एक बड़ी चुनौती सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, ये रिकॉर्डर लंबे समय तक आग के संपर्क में रहे, जिससे इन्हें नुकसान पहुंचा है। अब इनके डेटा को रिकवर करने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
दिल्ली की लैब में एक रिकॉर्डर का कच्चा डेटा डाउनलोड किया गया है। उम्मीद है कि इस डेटा एनालिसिस से हादसे की सटीक वजह सामने आ सकेगी।
कई सवाल अब भी बाकी
एक उपमुख्यमंत्री का इस तरह जाना पूरे राज्य और देश के लिए बड़ा झटका है। प्राथमिक रिपोर्ट ने कुछ सवालों के जवाब दिए हैं, लेकिन कई सवाल अब भी बाकी हैं।
क्या एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई बड़ी कमी थी?
क्या तकनीकी खराबी अचानक सामने आई?
क्या रनवे या नेविगेशन सिस्टम में कोई दिक्कत थी?
इन सभी सवालों के जवाब ब्लैक बॉक्स के डेटा से मिल सकते हैं।
अब सबकी नजरें अंतिम रिपोर्ट पर
फिलहाल AAIB की यह प्राथमिक रिपोर्ट जांच का पहला चरण है। असली तस्वीर तब साफ होगी जब फाइनल रिपोर्ट सामने आएगी। दिल्ली में हो रही डेटा जांच पर अब सबकी नजरें टिकी हैं। पूरे देश को इंतजार है कि आखिर उस दिन आखिरी पलों में क्या हुआ था, जिसने एक बड़े नेता की जान ले ली।
यह हादसा सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि विमानन सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि अंतिम रिपोर्ट क्या सच सामने लाती है।



