Rapido: नोएडा में आईटी इंजीनियर की नौकरी गई, EMIs भरने के लिए बना Rapido राइडर: ‘प्राइवेट जॉब में 30 साल का होम लोन कभी मत लेना’ !..
नोएडा के एक आईटी इंजीनियर की जिंदगी अचानक बदल गई जब नौकरी छूटने के बाद उन्हें अपने घर की भारी EMI भरने में मुश्किलें आने लगीं। मजबूरी में उन्हें Rapido पर बाइक राइडर बनकर कमाई शुरू करनी पड़ी।
इस घटना का वीडियो ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी में शूट किया गया है, जिसमें तेजू नाम का युवक बता रहा है कि उसका दोस्त अपनी पिछली नौकरी इसलिए छोड़ आया था क्योंकि उसे भरोसा था कि जल्दी ही एक बेहतर अवसर मिल जाएगा। लेकिन मौजूदा समय में तकनीकी सेक्टर में भर्तियों की रफ्तार बेहद धीमी होने के कारण चीजें उसके अनुमान के बिल्कुल उलट हो गईं।
गौर सिटी और आसपास के इलाकों में फ्लैट की कीमतें 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक जाती हैं और किराया भी अक्सर 30,000 से 35,000 रुपये प्रति महीने तक पहुंच जाता है। नौकरी छूटते ही खर्चों को संभालना मुश्किल हो गया, जिस कारण इंजीनियर को अपनी पत्नी-बच्चों को उनके मूल गांव भेजना पड़ा। अब वह स्वयं एक किराए के कमरे में अकेले रहकर किसी तरह गुजारा कर रहा है।
तेजू का कहना है कि EMI का बोझ अभी भी कम नहीं हुआ है, और बिना किसी स्थायी नौकरी के जीना बेहद कठिन होता जा रहा है। खर्चों को पूरा करने के लिए उसका दोस्त Rapido चलाता है और समय मिलने पर कुछ फ्रीलांस काम भी कर लेता है, जिससे थोड़ी अतिरिक्त आय हो जाती है।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। लोग बड़ी संख्या में नौकरी की अनिश्चितता, आईटी सेक्टर में भर्ती में गिरावट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से हो रहे बदलावों पर अपनी राय जता रहे हैं।
सोशल मीडिया पर एक यूज़र ने लिखा, “ऐय्याशी के लिए लोन लेना हो तो ले लो, लेकिन अगर प्राइवेट जॉब करते हो तो कभी भी 30 साल का होम लोन मत लेना।” एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “नकली लाइफस्टाइल ने मिडिल क्लास की हालत खराब कर दी है।”
तीसरे यूज़र ने टिप्पणी की, “भाई… नौकरियां तो बाजार में हैं, लेकिन लोगों में असल स्किल ही नहीं है। बस GPT से कोड कॉपी करके काम चला रहे हैं, समझ कुछ नहीं है… ऐसे में इंटरव्यू कैसे क्लियर होगा?”
बहुत सी ऐसी टिप्पणियों के बीच एक टिप्पणी अजब-गजब सी आई, “भाई 5 साल और रुक जा… ऐसी हालत होने वाली है कि बचाने वाला कोई नहीं मिलेगा”, जो कि रियल एस्टेट के बढ़ते दामों पर तंज जैसा लग रहा था।
(अर्चना शेरी)



