US Vs Mexico: क्या ड्रग कार्टेल्स बहाना, मैक्सिको में अपना हिसाब-किताब जमाना है? डोनाल्ड ट्रम्प दुनिया में दरोगाई की नई स्क्रिप्ट लिख रहे हैं जो बैक फायर भी कर सकती है..
पूरी दुनिया की निगाहें ईरान और मिडिल ईस्ट पर टिकी थीं, तभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना प्लान बदल दिया। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अब अपने पड़ोसी देश मेक्सिको में सेना उतारने की तैयारी कर रहा है। मकसद है—ड्रग कार्टेल्स का खात्मा और फैंटानिल लैब्स को नष्ट करना।
मेक्सिको पर दबाव
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन मेक्सिको पर दबाव बना रहा है कि वह अमेरिकी सेना को अपनी सीमा में प्रवेश की अनुमति दे। इसे कूटनीतिक भाषा में ‘ज्वाइंट ऑपरेशन’ कहा जा रहा है, लेकिन असल में इसका मतलब है कि अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज मेक्सिको की धरती पर उतरकर सीधे ड्रग सिंडिकेट्स के ठिकानों पर कार्रवाई करेंगी।
क्यों बढ़ रही है संभावना
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबाम ने हाल ही में कहा था कि ट्रंप के साथ उनकी अच्छी बातचीत हुई है और उन्होंने सैन्य हस्तक्षेप की संभावना को खारिज किया है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार हालात अलग हैं और अमेरिकी सेना के मेक्सिको में घुसने की संभावना बहुत ज्यादा है।
इसके पीछे तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं:
अमेरिका में फैंटानिल महामारी बन चुका है। यह सिंथेटिक ओपिओइड हेरोइन से 50 गुना ज्यादा नशीला है। हर साल 70,000 से अधिक अमेरिकी नागरिक फैंटानिल ओवरडोज से मर रहे हैं।
ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि वे ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ उसी तरह जंग लड़ेंगे जैसे ISIS के खिलाफ लड़ी गई थी। मेक्सिको की सरकार और पुलिस कार्टेल्स के सामने बेबस दिख रही है।
मेक्सिको का इनकार और ट्रंप का दबाव
मेक्सिको की राष्ट्रपति शीनबाम ने देश की संप्रभुता का हवाला देकर अमेरिकी सेना को घुसने से मना किया है। लेकिन ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर मेक्सिको ने बॉर्डर और ड्रग्स पर सख्त कदम नहीं उठाए, तो वे मैक्सिकन सामानों पर 25% से 100% तक टैरिफ लगा देंगे। मेक्सिको की अर्थव्यवस्था अमेरिका पर निर्भर है, ऐसे में आर्थिक प्रतिबंध का डर सरकार को झुकने पर मजबूर कर सकता है।
ऑपरेशन का तरीका
ट्रंप की टीम पूर्ण आक्रमण की योजना नहीं बना रही, बल्कि सर्जिकल स्ट्राइक जैसा ऑपरेशन करना चाहती है। अमेरिकी इंटेलिजेंस ड्रग लैब्स की पहचान करेगी और स्पेशल फोर्सेज उन्हें तबाह करेंगी। इसे मेक्सिको की मदद के तौर पर पेश किया जाएगा ताकि सरकार की भी इज्जत बची रहे और अमेरिका का काम भी हो जाए।
मेक्सिको की मुश्किल स्थिति
मेक्सिको के लिए यह स्थिति बेहद कठिन है। अगर वे अमेरिकी सेना को आने देते हैं, तो देश के अंदर विद्रोह हो सकता है और राष्ट्रपति शीनबाम को अमेरिका की कठपुतली कहा जाएगा। अगर वे मना करते हैं, तो ट्रंप आर्थिक नाकेबंदी कर सकते हैं, जिससे बेरोजगारी और महंगाई बढ़ जाएगी।
ट्रंप का एक्शन मूड
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि ट्रंप प्रशासन अब बातों से आगे बढ़कर एक्शन मोड में है। ट्रंप ने साफ कहा है कि ड्रग कार्टेल्स अब केवल अपराधी नहीं, बल्कि अमेरिका के दुश्मन हैं। हालांकि मेक्सिको सरकार कह रही है कि वह अपनी सुरक्षा खुद करने में सक्षम है, लेकिन हकीकत में कार्टेल्स की ताकत सरकार से भी ज्यादा दिख रही है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा अमेरिका और मेक्सिको के रिश्तों को बदल सकता है और लैटिन अमेरिका की राजनीति में भी बड़ा भूचाल ला सकता है।
(प्रस्तुति -अर्चना शैरी)



