Iran Vs America: ईरान में अमेरिकी दखल की आहट? इजरायल हाई अलर्ट पर, ट्रंप के बयानों से मिडिल ईस्ट में बढ़ी बेचैनी..
मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात तेजी से करवट लेते नजर आ रहे हैं। ईरान में भड़क रहे जनविरोध और अमेरिकी बयानों के बीच इजरायल को किसी बड़े घटनाक्रम की आशंका सताने लगी है। इजरायली सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट मोड पर चली गई हैं और अमेरिकी संभावित हस्तक्षेप को लेकर गंभीर मंथन किया जा रहा है।
इजरायली सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में इजरायल के शीर्ष सुरक्षा सलाहकारों ने ईरान को लेकर कई उच्चस्तरीय बैठकें की हैं, जिनमें अमेरिका की भूमिका, क्षेत्रीय सुरक्षा और संभावित सैन्य परिदृश्य पर गहन चर्चा हुई है।
ट्रंप के बयान बने चिन्ता की वजह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को चेतावनी देते रहे हैं कि वह प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग से बचे। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि यदि हालात बिगड़े तो अमेरिका “मदद के लिए तैयार” है।
इजरायल को आशंका है कि ऐसे बयान ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप का रास्ता खोल सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में टकराव और अस्थिरता बढ़ सकती है।
हालिया युद्ध की यादें अभी ताजा
ध्यान देने वाली बात ये है कि पिछले साल जून में इजरायल और ईरान के बीच 12 दिनों तक चला भीषण संघर्ष दोनों देशों के रिश्तों को पहले ही बेहद तनावपूर्ण बना चुका है। उस दौरान अमेरिका ने भी इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए थे।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को लेकर इजरायल पहले से ही गंभीर चिंता में है।
नेतन्याहू-रुबियो की फोन पर बातचीत
शनिवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई। इजरायली अधिकारियों ने पुष्टि की कि ईरान में संभावित अमेरिकी कदमों पर चर्चा हुई है। हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने बातचीत की पुष्टि तो की, लेकिन मुद्दों का खुलासा नहीं किया।
नेतन्याहू की सख्त चेतावनी
नेतन्याहू ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि यदि ईरान ने इजरायल के खिलाफ कोई कदम उठाया, तो उसे “बहुत गंभीर परिणामों” का सामना करना पड़ेगा। ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा कि “देश के अंदर जो कुछ हो रहा है, उस पर पूरी दुनिया की नजर होनी चाहिए।”
ईरान में सुलग रहा जनआक्रोश
ईरान में आर्थिक बदहाली, बेरोजगारी और शासन के खिलाफ नाराजगी ने देशव्यापी प्रदर्शनों का रूप ले लिया है। सरकार द्वारा इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी और सुरक्षा बलों के बीच टकराव दिखाई दे रहा है।
ईरानी नेतृत्व ने प्रदर्शनकारियों को अराजक तत्व बताते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
मध्य पूर्व में बढ़ सकती है टकराव की आंच
विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका ने ईरान में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप किया, तो इजरायल-अमेरिका की निकटता पूरे क्षेत्र में नया भू-राजनीतिक संकट खड़ा कर सकती है। इससे मध्य पूर्व एक और बड़े संघर्ष की ओर बढ़ सकता है।
(प्रस्तुति – त्रिपाठी पारिजात)



