Attack on Iran: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनी अमेरिकी-इज़राइली हमलों में मारे गए: मध्य पूर्व के इतिहास का निर्णायक क्षण..
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनी शनिवार सुबह अमेरिकी और इज़राइली हवाई हमलों में अपने कार्यालय में मारे गए। ईरानी राज्य मीडिया ने इस खबर की पुष्टि की। खामेनी की मौत ने ईरान के आधुनिक इतिहास में एक बड़ा मोड़ ला दिया है, जहाँ उन्होंने 37 वर्षों तक देश के सबसे शक्तिशाली धार्मिक नेता के रूप में शासन किया।
ट्रंप की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनी को “इतिहास के सबसे दुष्ट व्यक्तियों में से एक” बताया और ईरानियों से “अपना देश वापस लेने” की अपील की। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा कि यदि ईरान ने पलटवार किया तो अमेरिका “ऐसी ताकत का इस्तेमाल करेगा जो पहले कभी नहीं देखी गई।”
ईरान में मिली-जुली प्रतिक्रिया
खबर फैलते ही ईरान में शोक और उत्सव दोनों देखने को मिले। तेहरान की सड़कों पर हजारों लोग काले कपड़े पहनकर झंडे लहराते और खामेनी की तस्वीरें लेकर शोक मनाते दिखे। वहीं, बीबीसी फारसी द्वारा सत्यापित वीडियो में इस्फ़हान और करज जैसे शहरों में लोग खुशी से नारे लगाते, गाड़ियों के हॉर्न बजाते और आतिशबाज़ी करते दिखे। हाल ही में मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिवार भी सड़कों और घरों में जश्न मनाते नज़र आए। एक स्थानीय नागरिक ने कहा— “अब दुनिया बेहतर जगह बन गई है।”
भारी जनहानि
ईरानी रेड क्रेसेंट ने बताया कि हमलों में 200 से अधिक लोग मारे गए। ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि मिनाब (हॉर्मोज़गान प्रांत) के एक लड़कियों के स्कूल पर हमले में 108 छात्राओं की मौत हुई। सीबीएस न्यूज़ ने पुष्टि की कि लगभग 40 ईरानी अधिकारी मारे गए, जिनमें वरिष्ठ कमांडर भी शामिल हैं। इज़राइल ने कहा कि उसने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख को मार गिराया है। IRGC ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका और इज़राइल पर “सबसे विनाशकारी आक्रामक अभियान” शुरू करेगा।
खाड़ी में तनाव
ईरान ने पलटवार करते हुए दुबई, दोहा, बहरीन और कुवैत में हमले किए, जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने या सहयोगी मौजूद हैं। दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर, जो दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है, चार लोग घायल हुए।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
फ्रांस: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने चेतावनी दी कि यह संघर्ष वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए “गंभीर परिणाम” ला सकता है।
ब्रिटेन: प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन “समन्वित क्षेत्रीय रक्षा अभियानों” में शामिल है ताकि अपने नागरिकों और सहयोगियों की रक्षा की जा सके।
रूस: रूसी विदेश मंत्रालय ने हमलों को “बिना उकसावे की सशस्त्र आक्रामकता” बताया और अमेरिका-इज़राइल पर शासन परिवर्तन का आरोप लगाया।
ओमान: विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी, जो अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थता कर रहे थे, ने कहा कि इन हमलों ने शांति वार्ता को नुकसान पहुँचाया है।
ईरान में अगला कदम
ईरान ने खामेनी की मौत पर 40 दिन का शोक घोषित किया है। संविधान के अनुसार, उनके उत्तराधिकारी का चयन असेंबली ऑफ लीडरशिप एक्सपर्ट्स द्वारा किया जाएगा। तब तक राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और गार्जियन काउंसिल के एक धर्मगुरु उनकी जिम्मेदारियाँ संभालेंगे।
IRGC ने चेतावनी दी है कि जल्द ही “इस्लामी गणराज्य की सशस्त्र सेनाओं के इतिहास का सबसे विनाशकारी आक्रामक अभियान” शुरू होगा।
अमेरिकी कूटनीतिक कदम
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो रविवार को G7 नेताओं के साथ ईरान पर चर्चा करेंगे। ट्रंप प्रशासन आने वाले दिनों में वैश्विक नेताओं और अमेरिकी सांसदों से कई वार्ताएँ करने वाला है।
(त्रिपाठी पारिजात)



