India Pakistan: क्रिकेट नहीं, लेकिन बहुपक्षीय खेल – पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भारत में मिली एंट्री -आतंकी देश पाकिस्तान से भारत को नफरत नहीं है..
भारत सरकार ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को देश में आने की अनुमति देने का फैसला किया है, लेकिन क्रिकेट जैसे द्विपक्षीय (bilateral) आयोजनों पर प्रतिबंध अभी भी बरकरार है।
पाकिस्तान को हो तो होती रहे नफरत भारत से, मगर भारत को प्रेम है पाकिस्तान से क्योंकि भारत में बसे पाकिस्तानियों से वोट चाहिये। इसलिये खेल के मैदान में तुष्टिकरण चालू आहे। वैसे पहले भारत के प्रधानमंत्री ने आतंकी देश पाकिस्तान के लिये कहा था कि – खून और पानी साथ नहीं बह सकते !
भारत के खेल मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि पाकिस्तानी खिलाड़ी और टीमें भारत में आयोजित बहुपक्षीय (multilateral) अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकती हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच सीधे (bilateral) मुकाबले अभी भी नहीं होंगे।
मंत्रालय ने एक मेमोरेंडम में कहा – “अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय आयोजनों के संबंध में, चाहे वे भारत में हों या विदेश में, हम अंतर्राष्ट्रीय खेल संस्थाओं के नियमों और अपने खिलाड़ियों के हित को ध्यान में रखकर फैसले करते हैं।”
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय टीमें पाकिस्तान में किसी भी प्रतियोगिता में नहीं जाएंगी, और न ही पाकिस्तानी टीमों को भारत में द्विपक्षीय मैच खेलने की अनुमति होगी।
यह नीति ऐसे समय में आई है जब भारत आने वाले कुछ वर्षों में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने वाला है – जिसमें 2030 के Commonwealth Games, 2036 Olympics की दावेदारी और 2038 Asian Games शामिल हैं।
क्रिकेट इस नीति का सबसे संवेदनशील पहलू बना रहेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट कई वर्षों से बंद है और दोनों टीमें अब केवल ICC या एशियाई क्रिकेट परिषद के टूर्नामेंट्स में ही आमने-सामने होती हैं।
वीजा प्रक्रिया के बारे में मंत्रालय ने कहा कि खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के पदाधिकारियों के लिए वीजा प्रक्रिया आसान की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय फेडरेशनों के वरिष्ठ अधिकारियों को पाँच साल तक की अवधि के लिए प्राथमिकता के आधार पर मल्टी-एंट्री वीजा दिए जाएंगे।
भारत ने “बहुपक्षीय हाँ, द्विपक्षीय नहीं” की नीति अपनाई है – पाकिस्तानी खिलाड़ी भारत में वैश्विक टूर्नामेंट खेल सकते हैं, लेकिन सीधे भारत-पाकिस्तान मुकाबले अभी भी दूर की कौड़ी हैं।
(त्रिपाठी पारिजात)



