Sunday, August 31, 2025
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Poetry by Meena Kumari : चमक उठे हैं अंधेरे भी…

Poetry by Meena Kumari: पढ़िए चंद अशआर अभिनेत्री मीना कुमारी नाज़ की ग़ज़ल के चंद टुकड़ों की शक्ल में,,

(Poetry)

पूछते हो तो सुनो कैसे बसर होती है
रात खैरात की सदके की सहर होती है!!

आगाज तो होता है अंजाम नहीं होता
जब मेरी कहानी में वो नाम नहीं होता!!

हंसी थमी है इन आंखों में यूं नमी की तरह
चमक उठे हैं अंधेरे भी रौशनी की तरह!!

बैठे रहे हैं रास्ता में दिल का खंडहर सजा कर
शायद इसी तरफ से एक दिन बहार गुज़रे!!

(मीना कुमारी)

इसे भी पढ़िये:Poetry वो जो दिल को छू ले – 7 : गौरैया फुर्र से उड़ जायेगी..

ये भी पढ़िये:Poetry वो जो दिल को छू ले – 9: ख्वाहिशें तमाम वक़्त कम….

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