Rahul Gandhi सोच नहीं पाते लेकिन बोलते खूब हैं.. बोलने से अक्सर बीजेपी का फायदा हो जाता है लेकिन अब तो बत्तमीजी की हद पार हो रही है..
बिहार के दरभंगा में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में एक अभद्र टिप्पणी की, जिससे भाजपा और उसके साथी दलों के नेताओं को बहुत गुस्सा आया। इस ओछी टिप्पणी पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया
योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कांग्रेस और आरजेडी के मंच से प्रधानमंत्री मोदी के लिए जो अभद्र भाषा इस्तेमाल की गई, वह बहुत ही निंदनीय है और राजनीति की सीमाओं को पार कर गई है। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी सिर्फ प्रधानमंत्री का अपमान नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं का अपमान है। योगी ने आगे कहा कि एक साधारण माँ ने अपने संघर्ष और संस्कारों से ऐसे बेटे को बनाया, जिसने खुद को देश की सेवा के लिए समर्पित कर दिया और आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इस घृणित राजनीति को जरूर जवाब देगी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेगी।
देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो चुका है, और जब किसी का दिमाग चोरी हो जाता है, तो वह इस तरह की बातें करता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद को राष्ट्रीय नेता कहलाने का दावा करते हैं, लेकिन इतनी ओछी बातें करते हैं। फडणवीस ने कहा कि जब किसी का दिमाग ही नहीं होता, तो उसे नजरअंदाज कर देना चाहिए।
चिराग पासवान की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है, और उसके नेताओं द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना बिल्कुल गलत है। पासवान ने आगे कहा कि राजद जैसी पार्टियों ने 90 के दशक में बिहार को बदनाम किया था, और आज भी उनके कार्यकर्ता अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
राहुल गांधी की यात्रा के बारे में
राहुल गांधी 17 अगस्त से बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर है। यह यात्रा 20 से अधिक जिलों से होकर गुजरेगी और 1 सितंबर को पटना में खत्म होगी। पहले यह plan था कि यात्रा का समापन गांधी मैदान में एक रैली के साथ होगा, लेकिन प्रशासन से अनुमति न मिलने के कारण अब पटना में एक पदयात्रा करके इसे खत्म किया जाएगा।
(प्रस्तुति -त्रिपाठी पारिजात)