Ayodhya Crime: सपा सांसद अवधेश प्रसाद को लोकसभा से त्यागपत्र क्यों नहीं दे देना चाहिए – दलित लड़की के लिए विलाप कर रहे हैं – क्या मिल्कीपुर चुनाव पर नज़र है?
अयोध्या की 22 वर्षीय एक दलित लड़की 30 जनवरी से गायब थी जिसका निर्वस्त्र शव एक फरवरी को गाँव के बाहर सूखे नाले में मिला – शव की हालत बहुत वीभत्स थी – घटना वास्तव में हृदयविदारक है – बेटी चाहे दलित हो या अन्य कोई और, किसी के साथ भी ऐसा होना दुर्भाग्यपूर्ण है.
इस घटना पर फैज़ाबाद के सपा सांसद अवधेश प्रसाद को कल मीडिया के सामने रोते बिलखते हुए दिखाया गया और वे कह रहे थे:
“अयोध्या की जनता ने उनको सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपते हुए लोकसभा भेजा था जिसे निभाने में वो नाकाम रहे हैं -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकसभा में बताएंगे कि जिस बिटिया की दरिंदगी के साथ हत्या कर दी गई, उस परिवार को वो इंसाफ नहीं दिला पा रहे, ऐसे में लोकसभा की सदस्यता का मतलब नहीं, हे मर्यादा पुरुषोत्तम राम आप कहां हो”
अजीब विडंबना है ये सांसद है फैज़ाबाद के लेकिन ढोल पीटा गया कि अयोध्या से चुने गए जबकि फैज़ाबाद के सभी विधानसभा क्षेत्रो में अयोध्या में भाजपा जीती थी -ये खुद भी कह रहे हैं कि “अयोध्या की जनता” ने उन्हें संसद भेजा – और दोष दे रहे हैं भगवान राम को कि उन्होंने दलित बेटी की रक्षा नहीं की –
अगर अवधेश प्रसाद मानते हैं कि उन्हें जनता ने अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपने हुए संसद भेजा था जिसे निभाने में वह सफल नहीं रहे तो ऐसी लोकसभा सदस्यता का मतलब नहीं है, तो स्वयं त्यागपत्र दे देना चाहिए – अवधेश प्रसाद शायद विलाप इसलिए कर रहे हैं क्योंकि 5 फरवरी को मिल्कीपुर में चुनाव है जहां से उनका बेटा अजित प्रसाद चुनाव लड़ रहा है.
अगर अयोध्या की दलित बेटी की हत्या पर रोने से चुनाव में जीत मिल सकती है तो वहां की जनता फिर आपसे आपकी पार्टी के नेता मोईद खान पर लगे एक नाबालिग बेटी के बलात्कार के आरोप का भी जवाब मांगेगी – आरोप के अनुसार वो उस बच्ची का ढाई महीने तक यौन शोषण करता रहा और अवधेश प्रसाद रोने की बजाय बोले कि मोईद खान की हरकतों के बारे में वो कुछ नहीं जानते.
मिल्कीपुर की जनता अगर अयोध्या की बेटी के लिए आपके बहते आंसू देखेगी तो वह फिर आपकी पार्टी के नवाब सिंह पर लगे कन्नौज में 15 साल की OBC मछुआरा समुदाय की बेटी के यौन शोषण के आरोप पर भी पूछेगी कि तब आपके आंसू क्यों नहीं निकले?
समाजवादी पार्टी के हाथ कुंभ पहले ही इस आरोप से रंगे हुए हैं कि कुंभ में भगदड़ करा कर 30 श्रद्धालुओं की हत्या करवाई. आरोप के अनुसार भगदड़ मचाने वाले समाजवादी गुंडे थे जो “अखिलेश यादव जिंदाबाद” के नारे लगा रहे थे – कुंभ में स्नान कर करोड़ों लोग पुण्य कमा रहे हैं तो समाजवादी नेता पाप कमा रहे हैं.
समाजवादी पार्टी के हाथ अयोध्या के हजारों कारसेवकों के खून से भी रंगे हैं जिन पर मुलायम सिंह ने गोलियों की बौछार करा कर हत्या कर दी थी.
लेकिन आज अवधेश प्रसाद एक दलित बेटी के हत्या पर टसुए बहा रहे हैं – ऐसा कहा गया है कि इस हत्याकांड में शामिल 3 लोग गिरफ्तार किए गए हैं – अवधेश प्रसाद दलित बेटी को इंसाफ की बात कर रहे हैं लेकिन उन आरोपों का क्या जो नवाब सिंह और मोईद खान के ऊपर लगे हैं जिनके अनुसार इन्होंने बच्चियों के साथ जघन्य अपराध को अन्जाम दिया..इसका इंसाफ भी होना अभी बाकी है – अलबत्ता योगी बाबा की सरकार ने उनकी अवैध संपत्तियों पर बुलडोज़र जरूर चला कर कुछ तो इंसाफ कर दिया था.
(सुभाष चन्द्र)
“मैं वंशज श्री राम का”