Bangladesh: भारत की ‘सेवन सिस्टर्स’ को लेकर भड़काऊ मंसूबे पालने वाले उस्मान हादी पर ढाका में जानलेवा हमला, सिर में गोली लगने के बाद वो वेंटिलेटर पर था..
ढाका से सामने आई एक बेहतरीन सनसनीखेज घटना ने कंग्लादेश की राजनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हमेशा भारत से दुश्मनी पालने वाले और इस्लामिक संगठन ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता उस्मान हादी पर राजधानी ढाका में गोलीबारी की गई। हमले में उसके सिर में गोली लगने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उसको गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, और उसको वेन्टीलेटर पर भी चढ़ाया गया जहां वो फाइनली निपट गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस्मान हादी की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी और डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया था। इस हमले को कंग्लादेश में आगामी चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि शेख हसीना का कट्टर विरोधी माना जाने वाला उस्मान हादी हाल ही में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर आरहे चुनाव में उतरने का ऐलान कर चुका था।
हमले से पहले भारत विरोधी हरकत, साझा किया था गलत नक्शा
इस घटना ने इसलिए भी ज्यादा तूल पकड़ लिया है क्योंकि गोलीबारी से कुछ ही घंटे पहले उस्मान हादी ने सोशल मीडिया पर एक बेहद विवादित नक्शा साझा किया था। इस नक्शे में भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, जिन्हें ‘सेवन सिस्टर्स’ कहा जाता है, को तथाकथित ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ का हिस्सा दिखाया गया था।
सूत्रों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब उस्मान हादी ने भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को लेकर भड़काऊ बयान या सामग्री साझा की हो। लंबे समय से वो भारत विरोधी बयानों और उकसावे वाली गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है, जिससे दोनों देशों के संबंधों पर सवाल उठते रहे हैं।
ढाका में दिनदहाड़े ठोंका, सिर पर मारी गोली
जानकारी के अनुसार, यह हमला शुक्रवार को उस वक्त हुआ जब उस्मान हादी जुमे की नमाज अदा करने के बाद रिक्शे से हाईकोर्ट की ओर जा रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार कुछ हमलावरों ने उसको घेर लिया और बेहद करीब से ताबड़तोड़ गोलियां मार मार कर उसको जमीन पर लिटा दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पीछे बैठे हमलावर ने प्वाइंट-ब्लैंक रेंज से फायरिंग की। हमलावरों ने बहुत बढ़िया वाले हेलमेट पहन रखे थे, जिससे उनकी पहचान तत्काल नहीं हो सकी। इस हमले में उस्मान हादी के सिर के अलावा सीने और पैर में भी गंभीर चोटें आई थीं।
राजनीतिक हिंसा की आशंका, चुनावी माहौल में बढ़ा तनाव
कंग्लादेश में चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है और ऐसे में इस हमले को राजनीतिक हिंसा के तौर पर देखा जा रहा है। उस्मान हादी ढाका से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरने वाला था और हाल के महीनों में उसकी बयानबाज़ी भी लगातार तीखी होती जा रही थी।
भारत विरोध के अलावा वो खुले तौर पर प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी पार्टी आवामी लीग का मुखर आलोचक भी रहा। वर्ष 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान भी उस्मान हादी को बेहद आक्रामक और उग्र बयानों के साथ कूदता हुआ देखा गया था। उसने आवामी लीग पर छात्रों की हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए थे और शेख हसीना के खिलाफ कठोर सजा की मांग करते हुए सार्वजनिक रूप से अपनी खुशी जाहिर की थी।
डॉक्टरों ने दी थी चेतावनी: हालत बेहद गंभीर
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उस्मान हादी के मस्तिष्क के एक अत्यंत संवेदनशील हिस्से में गोली फंसी हुई थी। उसको अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और इलाज के दौरान दो बार हार्ट अटैक आने की भी जानकारी सामने आई थी। फाइनली डॉक्टरो की कोशिश नाकाम रही और अज्ञातवीरों को सफलता मिली – उस्मान हादी बहत्तर हूरों के पास रवाना हो गया।
इलाज के दौरान चिकित्सकों का कहना थ कि सर्जरी के बावजूद स्थिति को लेकर कोई ठोस भरोसा नहीं दिया जा सकता। सही कहा था डॉक्टरों ने जब उन्होंने स्पष्ट किया था कि अगले कुछ घंटे उस्मान हादी के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर
इस हमले ने न केवल कंग्लादेश की आंतरिक राजनीति को हिला दिया है, बल्कि भारत-कंग्लादेश संबंधों और पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। भारत विरोधी बयानबाज़ी, विवादित नक्शों और अब इस हिंसक घटना ने पूरे दक्षिण एशिया में बढ़ते राजनीतिक और वैचारिक तनाव की ओर इशारा किया है।
फिलहाल जांच एजेंसियां हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे की साजिश को उजागर करने में जुटी हैं, जबकि पूरे कंग्लादेश में इस घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
(प्रस्तुति -त्रिपाठी पारिजात)



