Gym Jihad: जिम ट्रेनरों के प्रेमजाल में क्यों फंस रही हैं महिलाएं: सूरत, इंदौर, अहमदाबाद और मिर्जापुर की घटनाओं से उभरता खतरनाक पैटर्न..
भारत में फिटनेस और जिम संस्कृति तेजी से बढ़ रही है। लोग अपने स्वास्थ्य और शरीर को बेहतर बनाने के लिए जिम जाते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में जिम ट्रेनरों से जुड़ी कई चौंकाने वाली घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा और भरोसे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूरत, इंदौर, अहमदाबाद, मिर्जापुर और हुबली जैसे शहरों में महिलाओं को जिम ट्रेनरों द्वारा प्रेमजाल में फंसाने, ब्लैकमेल करने, शोषण करने और यहां तक कि धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगे हैं।
सूरत का मामला
सूरत के पाल इलाके में एक महिला ने जिम ट्रेनर शब्बीर टूंकवाला पर आरोप लगाया कि उसने उसे प्रेमजाल में फंसाकर निजी वीडियो वायरल करने की धमकी दी और 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इतना ही नहीं, आरोपी ने महिला के पति पर हमला कर 50,000 रुपये भी लूट लिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। इस घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए।
इंदौर की घटना
इंदौर में मकसूद खान नामक जिम ट्रेनर पर आरोप लगा कि उसने दीपिका नाम की महिला को प्रेमजाल में फंसाया। पीड़िता के पति ने आत्महत्या की कोशिश की और 11 पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर आरोप लगाया कि मकसूद खान ने उसके परिवार को बर्बाद कर दिया। इस घटना ने दिखाया कि जिम ट्रेनरों द्वारा महिलाओं को फंसाने का असर केवल महिला पर ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है।
अहमदाबाद का मामला
अहमदाबाद में आनंदी नाम की महिला ने जिम संचालक अजहरुद्दीन पिंजारा पर आरोप लगाया कि उसने खुद को अविवाहित बताकर दोस्ती की और शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए। बाद में पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और तीन बेटियों का पिता है। महिला ने जब विरोध किया तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया। यह घटना दिखाती है कि कैसे झूठे वादों और धोखे से महिलाएं फंसाई जाती हैं।
मिर्जापुर का मामला
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जिम ट्रेनरों पर आरोप लगा कि वे हिन्दू युवतियों को दोस्ती और प्यार के जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराते थे। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया और कई जिमों पर मुकदमा दर्ज किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था और इसमें बड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं।
हुबली का मामला
हुबली में भी एक जिम ट्रेनर पर कई लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने के आरोप लगे। आरोपी ने सफाई देने के लिए वीडियो जारी किया, लेकिन पीड़िताओं के आरोप और मोबाइल से मिले सबूतों ने मामले को गंभीर बना दिया।
महिलाएं क्यों फंस रही हैं?
इन घटनाओं में एक समान पैटर्न दिखाई देता है। जिम ट्रेनर महिलाओं के करीब आते हैं, उनकी भावनात्मक कमजोरियों का फायदा उठाते हैं और दोस्ती या प्यार का झांसा देते हैं। कई महिलाएं तनाव या अकेलेपन में होती हैं, जिससे वे जल्दी प्रभावित हो जाती हैं। शुरुआत में ट्रेनर उन्हें भरोसा दिलाते हैं, लेकिन बाद में निजी वीडियो और फोटो के जरिए ब्लैकमेलिंग शुरू कर देते हैं। कुछ मामलों में जबरन वसूली और शारीरिक हमले तक की नौबत आ जाती है।
समाज पर असर
इन घटनाओं से कई परिवार टूट रहे हैं। पति‑पत्नी के रिश्ते बिगड़ रहे हैं, बच्चों पर मानसिक असर पड़ रहा है और समाज में असुरक्षा का माहौल बन रहा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों से परिवारों में गंभीर विवाद पैदा हो रहे हैं और रिश्ते टूटने की कगार पर पहुंच रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
सूरत पुलिस ने सभी जिम ट्रेनरों और मैनेजरों को चेतावनी दी थी कि महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाने की कोई भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बावजूद घटनाएं जारी हैं। पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं से अपील की है कि अगर वे ब्लैकमेलिंग का शिकार हों तो बिना डर के पुलिस से संपर्क करें।
जिम ट्रेनरों से जुड़ी ये घटनाएं केवल व्यक्तिगत नहीं हैं, बल्कि सामाजिक समस्या बनती जा रही हैं। फिटनेस सेंटर जहां स्वास्थ्य और भरोसे का प्रतीक होने चाहिए, वहीं अब डर और असुरक्षा का कारण बन रहे हैं। महिलाओं को सतर्क रहना होगा और समाज को मिलकर ऐसे मामलों पर रोक लगानी होगी।
(त्रिपाठी पारिजात)



