Learn Sanskrit Speaking: सुभाष चंद्र बोस स्मृति अन्तर्राष्ट्रीय अन्तर्जालीय 10 दिवसीय संस्कृत व्याकरण ज्ञान शिविर का उद्घाटन
आधुनिको भव संस्कृतं वद अभियान एवं विहार संस्कृत संजीवन समाज, पटना के संयुक्त तत्वावधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मृति अन्तर्राष्ट्रीय अन्तर्जालीय दशदिवशात्मक संस्कृत व्याकरण ज्ञान शिविर का उद्घाटन समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता का दायित्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आधुनिको भव संस्कृतं वद अभियान एवं विहार संस्कृत संजीवन समाज, डॉ. मुकेश कुमार ओझा ने निर्वहन किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने संस्कृत व्याकरण की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला और इसे सरल बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन के दौरान डॉक्टर ओझा ने अपने शब्दों के माध्यम से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन के प्रेरणादायक संदेश को भी सामने रखा ।
नेताजी सुभाष बोस जयंती समारोह का उद्घाटन कार्यक्रम डॉ. महेश मिश्रा ने संपन्न किया। समारोह में उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से प्रेरणादायक आख्यानों का दृष्टान्त देते हुए अपना संबोधन प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने संस्कृत के छन्दो को गीत के माध्यम से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, पटना विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा स्वाती ने व्याकरण के महत्त्व के विषय में अपना मत प्रस्तुत किया.
राष्ट्रीय संयोजिका डॉ. लीना चौहान ने व्याकरण की आवश्यकता के विषय में विचार प्रस्तुत करते हुए कुछ समुधुर गीत भी प्रस्तुत किए.
इस महत्वपूर्ण अवसर पर संस्कृत भाषा में विद्वानों, विद्यार्थियों और संस्कृत प्रेमियों यथा रम्भा कुमारी, सुजाता घोष, नेहा भारती, पवन छेत्रीआदि ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन चरित्र व व्याकरण पर विचार प्रकट किए।
कार्यक्रम का समाहार करते हुए अन्त में असम विश्वविद्यालय के शोध छात्र सुजाता घोष ने धन्यवाद ज्ञापित किया.
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