Phone blast: जेब में रखा वीवो मोबाइल बना आग का गोला! जोधपुर के व्यापारी की जांघ तक झुलसी, दुकान में मचा हड़कंप..
जोधपुर में एक किराना व्यापारी की जेब में रखा वीवो स्मार्टफोन अचानक फट गया और उसमें आग लग गई। हादसे में व्यापारी की जांघ और उंगलियां बुरी तरह झुलस गईं। जानिए पूरा मामला, मोबाइल ब्लास्ट के पीछे की संभावित वजहें और विशेषज्ञ क्या कहते हैं।
आग की लपटों में घिरा व्यापारी, जांघ – उंगलियां बुरी तरह झुलसीं
स्मार्टफोन आज लगभग हर व्यक्ति की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। लोग इसे दिन-रात अपने साथ रखते हैं। लेकिन जोधपुर में हुई एक घटना ने मोबाइल सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक किराना व्यापारी की जेब में रखा मोबाइल अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गया। कुछ ही सेकंड में फोन से आग की लपटें निकलने लगीं और व्यापारी गंभीर रूप से झुलस गया।
यह घटना सोमवार दोपहर जोधपुर के मंडोर कृषि मंडी क्षेत्र में हुई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत व्यापारी को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।
दुकान में बैठे थे, तभी हुआ धमाका
घायल व्यापारी की पहचान 39 वर्षीय गोपाल सोनी के रूप में हुई है। वे जोधपुर के लाल सागर क्षेत्र के निवासी हैं और मंडोर कृषि मंडी में किराना कारोबार करते हैं।
गोपाल ने अस्पताल में इलाज के दौरान बताया कि सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वे अपनी दुकान पर सामान्य रूप से काम कर रहे थे। उस समय वे काउंटर के पास रखी दराज में कुछ सामान और दस्तावेज देख रहे थे। तभी अचानक उन्हें तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी।
शुरुआत में उन्हें समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। एक पल के लिए उन्हें लगा कि शायद दुकान में रखा लैपटॉप या कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो गया है और करंट लग गया है। लेकिन अगले ही क्षण उन्हें अपनी पैंट की जेब में तेज गर्मी और जलन महसूस हुई।
जेब से निकलने लगा धुआं और आग
जब गोपाल ने नीचे देखा तो उनके होश उड़ गए। उनकी पैंट की जेब से धुआं निकल रहा था और आग की छोटी-छोटी लपटें दिखाई दे रही थीं। दर्द और घबराहट के बीच उन्होंने तुरंत फोन बाहर निकालने की कोशिश की।
मगर फोन इतना गर्म हो चुका था कि उसे हाथ से पकड़ना मुश्किल था। जैसे ही उन्होंने जलते हुए मोबाइल को निकालने की कोशिश की, उनकी उंगलियां भी झुलस गईं।
कुछ ही सेकंड में हालात इतने बिगड़ गए कि वे दर्द से चीखते हुए दुकान में इधर-उधर भागने लगे। दुकान के अंदर धुआं फैल गया और आसपास मौजूद लोग भी घबरा गए।
अन्य व्यापारियों ने बचाई जान
गोपाल की चीखें सुनकर पड़ोस की दुकानों पर मौजूद व्यापारी तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने पहले उन्हें सुरक्षित स्थान पर बैठाया और फिर प्राथमिक मदद देने की कोशिश की।
घटना की जानकारी मिलते ही उन्हें तुरंत मंडोर के सैटेलाइट अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि जख्म अपेक्षा से ज्यादा गंभीर पाए गए।
मंगलवार सुबह उनके मित्र नीरज बंसल उन्हें बेहतर इलाज के लिए महात्मा गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों के अनुसार उनकी जांघ का हिस्सा गहराई तक झुलस गया है और उंगलियों में भी गंभीर जलन के निशान हैं।
फिलहाल अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. रजनीश गालवा की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि घाव काफी गहरे हैं, इसलिए विशेष देखभाल की जरूरत होगी।
दो साल पुराना था मोबाइल
गोपाल सोनी ने बताया कि उन्होंने करीब दो साल पहले Vivo कंपनी का स्मार्टफोन खरीदा था। फोन रोजमर्रा के इस्तेमाल में था और पहले कभी उसमें कोई तकनीकी समस्या सामने नहीं आई थी।
सबसे हैरानी की बात यह है कि हादसे से पहले फोन बिल्कुल सामान्य स्थिति में था। न तो वह ज्यादा गर्म हो रहा था और न ही उसमें किसी तरह की खराबी दिखाई दे रही थी।
अक्सर मोबाइल ब्लास्ट की घटनाओं में ओवरहीटिंग या बैटरी से जुड़ी समस्याओं की चर्चा होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया।
फोन सिर्फ 87 प्रतिशत चार्ज था
गोपाल के मुताबिक, जब हादसा हुआ तब मोबाइल पूरी तरह चार्ज भी नहीं था। फोन की बैटरी लगभग 87 प्रतिशत थी।
आमतौर पर लोग मानते हैं कि मोबाइल को पूरी रात चार्जिंग पर छोड़ने या जरूरत से ज्यादा चार्ज करने से बैटरी खराब हो सकती है और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। मगर इस घटना में ऐसी कोई स्थिति नहीं थी।
यही वजह है कि यह मामला और ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला बन गया है। अगर फोन बिना किसी चेतावनी के अचानक फट सकता है तो यह हर स्मार्टफोन उपयोगकर्ता के लिए गंभीर विषय है।
दुकान में मच गया हड़कंप
धमाके के बाद कुछ मिनटों तक दुकान और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। अचानक उठे धुएं और आग की वजह से कई लोग घबरा गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को समझने का मौका ही नहीं मिला। पहले तेज आवाज आई, फिर धुआं दिखाई दिया और देखते ही देखते गोपाल दर्द से चिल्लाने लगे।
कई व्यापारियों ने पहली बार ऐसी घटना अपनी आंखों के सामने देखी। इस वजह से आसपास मौजूद लोग भी काफी डर गए।
मोबाइल ब्लास्ट के मामलों ने बढ़ाई चिंता
हाल के वर्षों में स्मार्टफोन बैटरी फटने या आग पकड़ने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लिथियम-आयन बैटरियों में किसी तकनीकी खराबी, आंतरिक शॉर्ट सर्किट, अत्यधिक तापमान या बैटरी को हुए नुकसान की वजह से ऐसे हादसे हो सकते हैं।
हालांकि किसी विशेष मामले में वास्तविक कारण की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकती है।
जोधपुर की यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पीड़ित के अनुसार फोन पूरी तरह सामान्य स्थिति में था। न कोई चेतावनी मिली, न ओवरहीटिंग हुई और न ही बैटरी से जुड़ी कोई परेशानी दिखाई दी।
मोबाइल इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि किसी फोन की बैटरी फूलने लगे, फोन जरूरत से ज्यादा गर्म हो, बार-बार हैंग हो या चार्जिंग के दौरान असामान्य व्यवहार करे तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
साथ ही हमेशा कंपनी द्वारा दिए गए ओरिजिनल चार्जर और एक्सेसरीज़ का उपयोग करना चाहिए। किसी भी तरह की बैटरी क्षति या असामान्य गर्मी महसूस होने पर फोन को तुरंत सर्विस सेंटर में दिखाना बेहतर माना जाता है।
फिलहाल जोधपुर के व्यापारी गोपाल सोनी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर मोबाइल सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है और लोगों को अपने स्मार्टफोन के इस्तेमाल में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की याद दिला दी है।
(अर्चना शैरी)




