Poetry by Manmeet Soni: अचंभित न होइये मनमीत की कलम की आकाशीय परवाज़ पर..इस ऑलराउन्डर कवि के मस्तिष्क पर अवश्य ही एक दिन रिसर्च होगी..
डोनाल्ड ट्रम्प के बारे में मैं ज़्यादा नहीं जानता –
गूगल करना चाहता था
लेकिन यह सोचकर नहीं किया
कोई ख़ास फ़ायदा नहीं उसके बारे में जानकर
जिसे यह दुनिया
उसके मरने के कुछ दिनों बाद
पूरी तरह भुला देना चाहेगी!
—
जाने ऐसा क्यों लगता है
कि बचपन में डोनाल्ड ट्रम्प को
उसके माता पिता ने खिलौने तो बहुत दिलाए होंगे
लेकिन डोनाल्ड ट्रम्प उन्हें तोड़ देता होगा
या फेंक देता होगा
कि मैं तो माइकल के खिलौने लूँगा
या लिली की रिमोट वाली गाड़ी चलाऊंगा!
परवरिश में कोई खोट हुए बिना
ऐसा मुमकिन ही नहीं
कि कोई सिरफिरा
धरती पर बने देशों जैसे सुंदर घरों को
तोड़-ताड़ कर अपने कब्ज़े में ले लेना चाहता हो!
—
हो सकता है
किशोरावस्था में दिल टूटा हो
तो स्त्रियों को ही खिलौना मान लिया हो डोनाल्ड ट्रम्प ने
हो सकता है
जवानी इतनी अमीरी और अय्याशी में बीती हो
कि बीयर के स्विमिंग पूल में तैरते हुए
फ्रेंच फ्राइज़ या बीफ़ या हैम मुँह में ठूँस लेता हो डोनाल्ड ट्रम्प
हो सकता है
अधेड़ावस्था में
शांत होने के बजाये और भड़क गई हो कामाग्नि
और ऐसी हरकतें करने लग गया हो
जैसे मेंहदीपुर बालाजी के मंदिर में करते हैं कुछ लोग
हो सकता है
शेयर मार्केट में लगाए हों पैसे
और बिना फावड़ा चलाए
बन गया हो राजाओं जैसा घर
कोई न कोई तो गड़बड़ हुई है
वरना इतना बद-मिज़ाज़ नहीं होता आदमी
छोटों से न सही
बराबर वालों से तो बात करनी आती इसे
नमस्ते न करता बड़ों को न सही
लेकिन नाक फुलाए तो नहीं घूमता “ग्लोबल समिट्स” में
—
वैसे तो बहुत देर हो गई है
लेकिन मुझे लगता है
डोनाल्ड ट्रम्प को कुछ दिन भारतीय गाँवों में
ठेठ भारतीय स्त्रियों के बीच छोड़ देना चाहिए
आप सोच रहे होंगे
मैं ऐसा क्यों कह रहा हूँ
अजी बताता हूँ
धैर्य तो रखिये!
—
भारतीय स्त्रियों के साथ
डोनाल्ड ट्रम्प जब उठाएगा घास फूस से भरा गट्ठर
तो सूंघ सकेगा पेड़ों की छाल फूल पत्ते
नर्म पड़ेगा इसका कठोर हो चुका दिल
इसके हाथों में चुभेगी फांस
यह दर्द महसूस करेगा
इसके ज़ख़्म से ख़ून निकलेगा
ख़ुद का ख़ून चखने के बाद
दूसरों का ख़ून पीना बहुत मुश्किल हो जाता है
—
भारतीय स्त्रियों के साथ
डोनाल्ड ट्रम्प जब छोकेगा दाल
ओसणेगा आटा
सेकेगा रोटी
तो अनाज की ख़ुशबू इसके नथुनों में जाएगी
इसने आज तक
फ़क़त डॉलर्स सूँघे हैं
इसे क्या पता
कैसी होती है अनाज और कच्ची सब्ज़ी की महक
—
भारतीय स्त्रियों के साथ
डोनाल्ड ट्रम्प जब छोटे छोटे बच्चोँ के साथ
रात रात भर जागेगा
तो हो सकता है कि इसके कानों से
झड़ जाए बम और बंदूक का शोर
शायद झुनझुने की आवाज़
इसकी आत्मा में दो चार पीतल के घुँघरू पिरो दे
—
भारतीय स्त्रियों के साथ
जब यह लगाएगा झाड़ू मारेगा पोंछा
तो झुकेगा डोनाल्ड ट्रम्प धरती की ओर
शायद यह चूमना सीख जाए धरती को :
कि एक बार
बस एक बार जो पूरी श्रद्धा से
धरती को चूम लेता है
वह धरती के किसी भी टुकड़े का अपमान नहीं कर सकता
—
भारतीय स्त्रियों के साथ
जब मिट्टी और राख़ से बर्तन माँजेगा डोनाल्ड ट्रम्प
तो इसके हाथों में पड़ जाएगी आयटण
रात को दर्द होगा अंगुलियों में
इसे मालूम पड़ेगा :
बर्तन जूठे करना आसन है
उन्हें साफ़ करना खांडे की धार!
—
भारतीय स्त्रियों के साथ
जब फाल पीको करेगा साडियों पर डोनाल्ड ट्रम्प
तब कहीं जानेगा
कि उधेड़ तो कोई भी सकता है
लेकिन सिलने में दिन-रात एक हो जाते हैं
—
अमेरिका वालो!
हमारे पास भेज दो इस सिरफिरे को
हमने बहुत सारे सिरफिरे संभाले हैं
हिटलर भी अगर कुछ दिन भारत रह जाता
तो यहूदियों का होलोकास्ट करना तो दूर
एक आंच भी नहीं आने देता उन पर!
चंगेज़ से लेकर तैमूर
अक़बर से लेकर औरंगज़ेब तक जैसे क्रूर सरफिरे
हमारी बद्दुआ लेकर
या तो सड़-सड़ कर मरे हैं
या इतने दार्शनिक हो गए कि नया दीन तक बनाने पर उतारू हो गए
—
अमेरिका वालो!
इस भूरे सुनहले बालों वाले
तोंदुल मुटल्ले को
आज रात की फ्लाइट से ही भेज दो भारत
भारत में भी राजस्थान
राजस्थान में भी चूरू
चूरू में भी नाथ जी की छतरी
नाथ जी की छतरी में भी उसके पिछवाड़े
जहाँ सांप और गोयरे और बिच्छू निकलते हैं
मैं
गारंटी लेता हूँ
कि एक हाथ में गीता
और दूसरे हाथ में कमंडल लेकर
यह आदमी भिक्षा माँगने नहीं निकल पड़े :
तो मेरा नाम भी युवा कवि मनमीत सोनी नहीं!



