Poor Sleep Health Risks: नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि खराब नींद की आदतें 170 से ज्यादा बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती हैं, जिनमें डिमेंशिया, डायबिटीज और लिवर सिरोसिस शामिल हैं..
आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि क्या कारण है कि नींद की क्वालिटी और सही लाइफस्टाइल बिगड़ने से हेल्थ की हालत बिगड़ सकती है.
Poor Sleep Health Risks: आज कल आपने बहुत से लोगों को रात में नींद ना आना और नींद पूरी ना होने की शिकायत करते सुना होगा. नींद की कमी एक-दो नहीं बहुत बहुत से लोगों में देखने को मिल रही है. क्या आप भी उन्हीं लोगों में से हैं, जिनकी पूरी नींद नहीं हो पाती है? अगर हां, तो बता दें इससे ना केवल आपकी थकान बढ़ती है बल्कि आपकी हेल्थ को भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है. ये हमारा नहीं बल्कि एक नई रिसर्च का कहना है.
नींद पूरी ना होने की खराब आदत 170 से ज्यादा गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती हैं. इसके कारण आपको डिमेंशिया, डायबिटीज, लिवर और गैंग्रीन जैसी बीमारियां हो सकती है. इस रिसर्च में यह भी बताया गया है कि आपकी हेल्थ सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करती है कि आप कितनी देर सोते हैं, बल्कि वह इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप कब और कितनी अच्छी नींद लेते हैं.
स्टडी में क्या पाया गया?
पेकिंग यूनिवर्सिटी और चीन की आर्मी मेडिकल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने यूके बायोबैंक के 88,460 लोगों की नींद से जुड़े स्टैट्स को स्टडी किया. इनमें से ज्यादातर लोगों की उम्र 62 साल थी और उनमें से 43% पुरुष थे. उन्होंने लगभग सात साल तक नींद को नापने वाली मशीन पहनी. इसके अलावा, उन्होंने अपनी नींद की आदतों पर 160 से ज्यादा सवालों के जवाब दिए, जैसे वे कितनी देर सोते हैं, किस समय सोते हैं और उन्हें गहरी नींद आती है या उखड़ी हुई. स्टडी में पाया गया कि खराब नींद के पैटर्न का 172 बीमारियों से गहरा संबंध है.
खराब नींद से जुड़ी बीमारियां
रिसर्चर्स ने पाया कि खराब नींद कई गंभीर बीमारियों से जुड़ी है. उन्होंने देखा कि 92 बीमारियों में खराब नींद का खतरा 20% से ज्यादा था. 42 बीमारियों में यह खतरा दोगुने से भी ज्यादा था, जिनमें पार्किंसंस, गैंग्रीन, लिवर सिरोसिस और कमजोरी शामिल हैं. इसके अलावा, टाइप 2 डायबिटीज, हड्डी टूटना, पेशाब रोक ना पाना और सांस की समस्या जैसी 122 बीमारियों में भी 1.5 गुना ज्यादा खतरा पाया गया.
नींद के कारण बीमारियों का खतरा कितना है?
रिसर्च में पता चला कि खराब नींद की आदतों से किसी एक बीमारी का खतरा 52% तक बढ़ सकता है. इर्रेगुलर नींद की वजह से पार्किंसंस का खतरा 37% ज्यादा पाया गया. वहीं, बिना सोए बिस्तर पर ज्यादा समय बिताने से पेशाब रोक न पाने का खतरा 24% बढ़ गया. यह साफ दिखाता है कि नींद की गुणवत्ता और सही दिनचर्या आपकी हेल्थ के लिए कितनी जरूरी है.
क्या ज्यादा लंबी नींद सच में हानिकारक?
इस स्टडी में यह भी बताया गया कि 9 घंटे से ज्यादा सोना जरूरी नहीं कि आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो. पुराने रिसर्च में लंबी नींद को स्ट्रोक और हार्ट डिजीज से जोड़ा गया था, लेकिन इस नए स्टडी में इसका कनेक्शन सिर्फ हार्ट डिजीज से पाया गया. हैरानी की बात यह है कि कई लोग जिन्हें लंबी नींद लेने वाला माना जाता था, वे सच में 6 घंटे से भी कम सोते थे, लेकिन बिस्तर पर ज्यादा समय बिताते थे. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अच्छी हेल्थ के लिए लोगों को रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए.
कम नींद खतरनाक क्यों?
एक्सपर्ट्स की मानें तो कम नींद लेना शरीर के लिए कई तरह से नुकसानदायक हो सकता है. यह आपके नर्वस सिस्टम को बिगाड़ सकता है, जिससे दिल की धड़कन तेज हो सकती है, ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और स्ट्रेस भी बढ़ सकता है. नींद की कमी से शरीर में सूजन बढ़ जाती है, जो दिल संबंधी बीमारियों, स्ट्रोक, डिमेंशिया और अन्य गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ाता है. इसके अलावा, ये स्लीप हार्मोन और मेटाबॉलिज्म पर भी असर डालता है, जिससे जंक फूड खाने की इच्छा बढ़ती है और वजन बढ़ सकता है.
(प्रस्तुति -अंजू डोकानिया)