Saturday, January 24, 2026
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Putin: भारत की बड़ी कूटनीतिक मेजबानी – पुतिन 30 घंटे भारत में बिताएंगे -रणनीतिक सौदों पर होगी पक्की बात..

Putin: भारत की बड़ी कूटनीतिक मेजबानी -पुतिन 30 घंटे भारत के अतिथि के रूप में बिताएंगे; इस दौरान होगा निजी डिनर, हाई-लेवल वार्ता और रणनीतिक सौदों पर वार्ता..

Putin: भारत की बड़ी कूटनीतिक मेजबानी -पुतिन 30 घंटे भारत के अतिथि के रूप में बिताएंगे; इस दौरान होगा निजी डिनर, हाई-लेवल वार्ता और रणनीतिक सौदों पर वार्ता..

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आमतौर पर विदेश यात्राओं को बहुत सीमित रखते हैं और केवल उन्हीं देशों में कदम रखते हैं, जिनसे उनके देश के गहरे रणनीतिक हित जुड़े हों। इसी कड़ी में वे अब 4 और 5 दिसंबर 2025 को भारत आने वाले हैं। इस यात्रा को विशेष माना जा रहा है क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन पहली बार भारत का दौरा करेंगे। उनकी पिछली यात्रा 2021 में हुई थी। इस बार उनका आना भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक है। वे यहां 23वें द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जिस पर दुनिया भर के राजनयिकों की नज़र टिकी है।

पुतिन भारत में कुल 30 घंटे रुकेंगे — जानिए पूरा कार्यक्रम

हालांकि यह यात्रा दो दिनों की कही जा रही है, लेकिन वास्तविक रूप से पुतिन लगभग 30 घंटे भारत में रहेंगे। 4 दिसंबर की शाम पीएम नरेंद्र मोदी स्वयं उनका स्वागत करने के लिए मौजूद रहेंगे। नीचे उनके प्रस्तावित शेड्यूल का पूरा विवरण है, जिसमें अंतिम समय पर बदलाव संभव है—

4 दिसंबर 2025 — आगमन और निजी कार्यक्रम

शाम लगभग 6 बजे पुतिन विशेष विमान से नई दिल्ली पहुंचेंगे।

आगमन के तुरंत बाद उनकी कुछ महत्वपूर्ण मुलाकातें निर्धारित हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बंद कमरे में निजी डिनर (प्राइवेट डिनर) होगा, जिसमें दोनों नेता बिना औपचारिक बाधाओं के कई अहम मुद्दों पर गहन बातचीत कर सकते हैं।

इसके अलावा पुतिन की कुछ अन्य निजी मीटिंग्स भी प्रस्तावित हैं, जिनका कार्यक्रम गोपनीय रखा गया है।

5 दिसंबर 2025 — हाई-लेवल मीटिंग्स, समझौते और बिजनेस फोरम

सुबह 9:30 बजे — राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत समारोह

स्वागत के बाद — राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि

इसके बाद — सीमित दायरे की बातचीत, जहां सिर्फ शीर्ष अधिकारी और नेता मौजूद होंगे

फिर — हैदराबाद हाउस में औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता

प्रतिनिधिमंडल स्तर की चर्चा के बाद — नेताओं और प्रमुख भारतीय उद्योगपतियों के साथ लंच

हैदराबाद हाउस में विभिन्न समझौतों की औपचारिक घोषणा

प्रेस के सामने दोनों नेताओं का संयुक्त बयान

भारत-रूस बिजनेस फोरम में भागीदारी, जहां व्यापार और निवेश से जुड़े बड़े प्रस्ताव सामने आ सकते हैं

शाम को — भारत की ओर से राष्ट्रपति के द्वारा राजकीय भोज (State Banquet)

भोज के तुरंत बाद — पुतिन का वापसी के लिए प्रस्थान

कौन-कौन से बड़े मुद्दे चर्चा में रहेंगे?

पुतिन की इस यात्रा में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, विज्ञान-तकनीक, अंतरिक्ष सहयोग और भू-राजनीतिक मुद्दे प्रमुख रहेंगे। रूसी प्रशासन के अनुसार कई महत्वपूर्ण समझौतों की तैयारी पहले ही शुरू हो चुकी है।

संभावित प्रमुख रक्षा और रणनीतिक सौदे

भारत के लिए नई S-400 वायु रक्षा रेजीमेंट पर संभावित समझौता

रूस की ओर से भारत को Su-57 पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की पेशकश

इन विमानों के लिए तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त निर्माण का प्रस्ताव

ऊर्जा क्षेत्र में परमाणु सहयोग और दीर्घकालिक आपूर्ति समझौतों की संभावना

यह यात्रा क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है?

यह दौरा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं है—बल्कि यह भारत-रूस संबंधों की भविष्य दिशा तय करने वाला अहम मोड़ हो सकता है। इस मुलाकात में द्विपक्षीय संबन्ध इन बिन्दुओं पर विस्तारित होंगे:

रक्षा साझेदारी को मज़बूत बनाने की कोशिश

ऊर्जा सुरक्षा पर दीर्घकालिक रणनीति

व्यापार और निवेश बढ़ाने पर सहमति

एशिया-प्रशांत और वैश्विक मामलों पर संयुक्त दृष्टिकोण स्थापित करना

चारों तरफ चल रही वैश्विक उथल-पुथल के बीच पुतिन-मोदी मुलाकात से दोनों देशों के बीच भरोसा, तालमेल और रणनीतिक गहराई और बढ़ने की उम्मीद है।

(प्रस्तुति – त्रिपाठी पारिजात)

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