Shreyas Iyer आ रहे हैं नए टी-20 कप्तान बन कर और सूर्यकुमार यादव कप्तानी से जा रहे हैं – होने जा रहा है टीम इंडिया में बड़ा बदलाव..
भारतीय क्रिकेट टीम में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खबरें हैं कि टी-20 टीम की कप्तानी को लेकर बीसीसीआई के भीतर गंभीर चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह अब श्रेयस अय्यर को नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो भारतीय टी-20 टीम में एक बड़े सत्ता परिवर्तन के रूप में इसे देखा जाएगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, आईपीएल 2026 के बाद चयन समिति टीम के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति आने वाले टी-20 विश्व कप और अन्य बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए नए कप्तान पर विचार कर रही है। इसी कारण श्रेयस अय्यर का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है।
हालांकि सूर्यकुमार यादव ने अपनी कप्तानी में भारत को बड़ी सफलताएं दिलाई हैं। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने 2025 एशिया कप और 2026 टी-20 विश्व कप जैसे बड़े खिताब जीते। इसके बावजूद उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। चयनकर्ताओं की चिंता यह है कि कप्तान के रूप में सफल रहने के बावजूद सूर्या बल्ले से उम्मीद के मुताबिक योगदान नहीं दे पा रहे हैं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो कप्तानी संभालने के बाद सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा। पिछले कई मुकाबलों में वह बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे हैं। यही कारण है कि टीम मैनेजमेंट अब भविष्य के लिए नए विकल्पों पर विचार कर रहा है।
बताया जा रहा है कि सूर्यकुमार यादव खुद भी अगले कुछ वर्षों तक कप्तानी जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने कई बार इच्छा जताई है कि वह अगले टी-20 विश्व कप और ओलंपिक तक टीम की कमान संभालना चाहते हैं। लेकिन चयन समिति टीम के लंबे भविष्य और खिलाड़ियों की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहती है।
सूर्यकुमार यादव की फिटनेस भी इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक वह लंबे समय से कलाई की समस्या से जूझ रहे हैं। आईपीएल में भी उन्हें हाथ पर भारी टेप बांधकर खेलते देखा गया था। बल्लेबाजी और फील्डिंग के दौरान उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। यही वजह है कि टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस को लेकर भी चिंतित बताया जा रहा है।
दूसरी ओर श्रेयस अय्यर लगातार मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। आईपीएल में उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग फ्रेंचाइजी के साथ उनकी कप्तानी सफल रही है। दबाव की परिस्थितियों में शांत रहने की उनकी क्षमता भी उन्हें मजबूत उम्मीदवार बनाती है।
श्रेयस अय्यर की सबसे बड़ी ताकत उनकी स्थिर बल्लेबाजी मानी जाती है। मध्यक्रम में वह टीम को संभालने की क्षमता रखते हैं और बड़े मैचों में जिम्मेदारी उठाते हुए दिखाई दिए हैं। यही कारण है कि चयनकर्ता उन्हें भविष्य के कप्तान के रूप में देख रहे हैं।
टीम इंडिया में कप्तानी को लेकर सिर्फ श्रेयस अय्यर का ही नाम चर्चा में नहीं है। संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों को भी भविष्य के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में अय्यर सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
अगर श्रेयस अय्यर को कप्तानी मिलती है तो यह उनके करियर का सबसे बड़ा मौका होगा। लंबे समय तक टीम से अंदर-बाहर होने के बाद अब वह दोबारा मजबूत वापसी करते नजर आ रहे हैं। कप्तानी मिलने से उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय टीम अब धीरे-धीरे नई पीढ़ी की ओर बढ़ रही है। ऐसे में चयनकर्ता ऐसे खिलाड़ी को कप्तान बनाना चाहते हैं जो अगले कई साल तक टीम को संभाल सके। फिटनेस, निरंतर प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई जल्द बड़ा फैसला ले सकती है।
फिलहाल क्रिकेट फैंस की नजर जून में होने वाली चयन समिति की बैठक पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि उसी दौरान टीम इंडिया की टी-20 कप्तानी को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या सूर्यकुमार यादव अपनी कप्तानी बचा पाएंगे या फिर भारतीय क्रिकेट में नए युग की शुरुआत श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में होगी।
(त्रिपाठी पारिजात)



