Strait of Hormuz: ऐसा क्या खास है होर्मुज स्ट्रेट में – ईरान का रास्ता रोक कर दुनिया को कितना नुकसान पहुंचाने जा रहे हैं अमेरिका और ईरान..
मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने इतिहास में शायद ही पहले देखा गया जवाब दिया है। ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया। यह कदम सिर्फ अमेरिका और इज़राइल के ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ का जवाब नहीं है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी इसकी पुष्टि की है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में संचालित जहाजों को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की ओर से संदेश मिल रहे हैं कि कोई भी जहाज इस स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश न करे।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्या है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी का मुख्य प्रवेश द्वार है। यह ईरान के उत्तर और यूनाइटेड अरब अमीरात व ओमान के दक्षिण में स्थित है। फारस की खाड़ी और हिंद महासागर को जोड़ने वाला यह मार्ग दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस चोकपॉइंट माना जाता है।
दुनिया भर का लगभग एक चौथाई समुद्री तेल और गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता है। यही कारण है कि इस मार्ग का बंद होना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और तेल की कीमतों पर बड़ा असर डाल सकता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की भौगोलिक विशेषताएँ
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगभग 161 किलोमीटर लंबा है। इसके सबसे संकरे हिस्से में जहाजों को गुजरने के लिए केवल 3 किलोमीटर का रास्ता मिलता है। नेविगेशन लेन और उथले पानी के कारण यह मार्ग जहाजों के लिए खतरनाक बन जाता है। यहां नेवल माइंस, मिसाइलें, पेट्रोल क्राफ्ट और हेलीकॉप्टर हमले जैसी संभावनाएँ हमेशा बनी रहती हैं।
इसकी संकीर्णता और रणनीतिक महत्व की वजह से यह फारस की खाड़ी का सबसे संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।
होर्मुज स्ट्रेट का वैश्विक महत्व
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं है, बल्कि वैश्विक तेल सप्लाई का अहम लिंक है। पिछले साल, एनालिटिक्स फर्म बोर्टेक्सा के अनुसार, 20 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल, कंडेनसेट और रिफाइंड फ्यूल रोजाना इस रास्ते से गुजरा।
ओपेक सदस्य देशों का एशियाई बाजारों में तेल और एलएनजी सप्लाई इसी मार्ग पर निर्भर है। कतर अपने सभी एलएनजी शिपमेंट इसी रास्ते के जरिए करता है। इसका मतलब साफ है कि अगर यह मार्ग बंद होता है, तो तेल की सप्लाई रुक जाएगी और कीमतें तेजी से बढ़ेंगी।
ईरान का सैन्य कदम
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में IRGC के युद्धपोत और मिसाइलें तैनात कर दी हैं। उनकी शॉर्ट रेंज मिसाइलें 200-250 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं। इससे खाड़ी देशों से तेल और गैस निर्यात लगभग ठप हो गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यह स्थिति लंबी चले, तो कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं।
इस कदम से अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए चुनौती पैदा हो गई है। होर्मुज बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।
होर्मुज बंद होने के असर
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कई गंभीर परिणाम हैं:
तेल की कमी: भारत, चीन, जापान जैसे देश इस मार्ग पर काफी निर्भर हैं। सप्लाई रुकने से पेट्रोल और डीजल की कमी हो सकती है।
महंगाई में बढ़ोतरी: तेल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ेगा। इसका असर खाद्य, बिजली, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य जरूरी सामान पर पड़ेगा।
सैन्य तनाव: अमेरिका पहले ही कह चुका है कि यह मार्ग हर हाल में खुला रहना चाहिए। यदि ईरान इसे बंद रखता है, तो समुद्र में अमेरिकी नौसेना और ईरान के बीच टकराव संभव है।
कुल मिलाकर यह सिर्फ क्षेत्रीय विवाद नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा और आर्थिक संकट का कारण बन सकता है।
मिडिल ईस्ट में जंग के बढ़ने की संभावना
ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की हत्या के बाद बदले की आग में जलते ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अपने हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। अमेरिका और इज़राइल किसी भी स्थिति में इसे खोलने के लिए कदम उठा सकते हैं।
यदि दोनों पक्ष पीछे नहीं हटते, तो संघर्ष लंबा चल सकता है। चीन और रूस जैसे देश ईरान का समर्थन कर सकते हैं, जिससे मामला और भयानक रूप ले सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ एक समुद्री गलियारा नहीं, बल्कि वैश्विक तेल, व्यापार और सुरक्षा का संवेदनशील केंद्र है। ईरान के इस कदम से पूरी दुनिया के लिए तेल महंगा होगा, महंगाई बढ़ेगी और समुद्री सुरक्षा संकट में आ सकती है।
खामेनेई की मौत और स्ट्रेट बंद होने की घटना मिडिल ईस्ट और वैश्विक राजनीति में नई चुनौतियाँ खड़ी कर रही है। अब दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं कि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच यह तनाव किस दिशा में जाएगा।
(न्यूज़ हिन्दू ग्लोबल ब्यूरो)



