Amazon: क्या टेक्नोलॉजी इंसानी नौकरियों के लिए खतरा है या नए अवसरों का दरवाज़ा खोल रही है? ..अमेज़न का यह कदम सही है या गलत – यह सोचने का विषय है..
ये मशीनें न थकेंगी, न आराम चाहेंगी, न ही वेतन बढ़ाने की मांग करेंगी। इन्हें किसी बीमा की ज़रूरत नहीं होगी और न ही पिकअप-ड्रॉप जैसी सुविधा चाहिए। जी हाँ, यह है अमेज़न की चौंकाने वाली रणनीति। कंपनी ने ऐसा प्लान बनाया है जिसमें आने वाले समय में पाँच लाख नौकरियों की जगह रोबोट ले सकते हैं। अमेज़न का लक्ष्य है कि अपने कामकाज का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा ऑटोमेशन से चलाया जाए।
पैकेट आप तक कैसे पहुँचता है?
क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं तो आपका सामान आपके घर तक कैसे पहुँचता है? अमेज़न के विशाल वेयरहाउस में इंसानों के साथ-साथ अब रोबोट्स भी बड़ी संख्या में काम कर रहे हैं। लेकिन अब जो खबर सामने आई है उसने पूरे टेक जगत को हिला दिया है।
अमेज़न के कुछ लीक हुए दस्तावेज़ बताते हैं कि कंपनी एक ऐसी योजना पर काम कर रही है जिससे आने वाले कुछ वर्षों में लाखों नौकरियाँ खतरे में पड़ सकती हैं।
क्या इंसानों को बाहर किया जा रहा है?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेज़न सच में इंसानी कर्मचारियों को हटाने की तैयारी कर रहा है? और अगर हाँ, तो इसके पीछे कंपनी का तर्क क्या है?
यह मामला तब चर्चा में आया जब न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट प्रकाशित की। इस रिपोर्ट में अमेज़न के आंतरिक दस्तावेज़ों और अधिकारियों की बातचीत का ज़िक्र किया गया है।
इन दस्तावेज़ों में साफ लिखा है कि अमेज़न रोबोटिक ऑटोमेशन की मदद से अपने अमेरिकी कर्मचारियों की संख्या को एक निश्चित स्तर पर स्थिर रखना चाहता है।
क्यों कर रहा है अमेज़न ऐसा?
इसका सीधा जवाब है – पैसा और दक्षता (Efficiency)।
दस्तावेज़ों के अनुसार, रोबोटिक्स का इस्तेमाल करके अमेज़न 2025 से 2027 के बीच अपने ऑपरेशनल खर्च में लगभग 12.6 बिलियन डॉलर की बचत कर सकता है।
सोचिए, रोबोट्स न थकते हैं, न उन्हें वेतन वृद्धि चाहिए, न ब्रेक और न ही बीमा। यही कारण है कि कंपनी इन्हें इंसानों से ज़्यादा फायदेमंद मान रही है।
शब्दों का खेल
एक और दिलचस्प बात यह है कि अमेज़न अपनी भाषा को लेकर भी सावधान है। कंपनी जानती है कि अगर वह खुले तौर पर कहेगी कि ऑटोमेशन से नौकरियाँ खत्म हो रही हैं, तो उसे जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
इसलिए, अमेज़न ने “Automation” या “AI” जैसे शब्दों से बचने का फैसला किया है। इसके बजाय वह “Advanced Technology” या “Cobots” (Collaborative Robots) जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही है, ताकि लगे कि रोबोट इंसानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, न कि उन्हें पूरी तरह बदल रहे हैं।
कंपनी की सफाई
हालाँकि, अमेज़न के एक प्रवक्ता ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये दस्तावेज़ केवल एक समूह के विचार हैं, पूरी कंपनी की रणनीति नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि अमेज़न अभी भी इंसानी कर्मचारियों को बड़ी संख्या में भर्ती कर रहा है।
उदाहरण के तौर पर, हाल ही में छुट्टियों के मौसम के लिए कंपनी ने 2.5 लाख लोगों को काम पर रखा है। फिर भी, यह सच है कि अमेज़न ने हाल ही में 14 हजार जॉब रोल्स घटाए हैं और लगभग 30 हजार कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है।
भविष्य की तस्वीर
यह साफ है कि अमेज़न जैसी बड़ी कंपनियाँ दक्षता और लागत बचत के लिए ऑटोमेशन को तेज़ी से अपना रही हैं। इससे कुछ नौकरियाँ खत्म होंगी, लेकिन साथ ही नई तरह की नौकरियाँ भी पैदा होंगी – जैसे रोबोट मेंटेनेंस, डेटा एनालिसिस और टेक्निकल सपोर्ट।



