Wednesday, December 17, 2025
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America क्या बाढ़ से तबाह हो जायेगा? – वैज्ञानिकों का अनुमान चिन्ताजनक है

America में बढ़ेगा बाढ़ का खतरा..वैज्ञानिकों का कहना है कि जो तबाही 100 साल में एक बार आती थी, अब हर साल आएगी..

America में बढ़ेगा बाढ़ का खतरा..वैज्ञानिकों का कहना है कि जो तबाही 100 साल में एक बार आती थी, अब हर साल आएगी..

अमेरिका के बड़े और घनी आबादी वाले शहर अब एक बड़े खतरे की ओर बढ़ रहे हैं। उत्तर–पूर्वी राज्यों में जो भयंकर बाढ़ पहले लगभग 100 साल में सिर्फ एक बार आती थी, वही बाढ़ आने वाले समय में हर साल देखने को मिल सकती है। समुद्र का लगातार बढ़ता पानी और अधिक ताकतवर होते तूफान इसकी सबसे बड़ी वजह हैं। नई वैज्ञानिक स्टडी चेतावनी देती है कि अगर दुनिया ने अभी कार्बन उत्सर्जन कम नहीं किया, तो साल 2100 तक न्यूयॉर्क और बोस्टन जैसे बड़े शहरों में हर साल विनाशकारी बाढ़ आने लगेगी।

फ्लोरिडा में आए हरीकेन इयान के दौरान पाइन आइलैंड का पुल टूटकर बह गया था—यह बताता है कि आने वाले खतरे कितने गंभीर हो सकते हैं।

नई रिसर्च में क्या बताया गया?

अमेरिका के उत्तर-पूर्वी हिस्सों—जैसे न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, कनेक्टिकट और वर्जीनिया—में पहले बेहद दुर्लभ मानी जाने वाली 100 साल वाली बाढ़ अब इस सदी के अंत तक एक नियमित घटना बन जाएगी। नवंबर 2025 में प्रकाशित इस शोध को प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने तैयार किया है। इस रिसर्च का नेतृत्व सिविल इंजीनियर अमीरहोसैन बेगमोहम्मदी ने किया है।

क्यों बढ़ रहा है ऐसा खतरा?

इसके दो मुख्य कारण बताए गए हैं:

समुद्र का जलस्तर तेजी से चढ़ रहा है

जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में बर्फ और ग्लेशियर जोर-शोर से पिघल रहे हैं। इससे समुद्र का पानी हर साल बढ़ रहा है। अगले आने वाले दशकों में यह स्तर कई फीट तक ऊपर जा सकता है, जो तटीय शहरों के लिए बड़ी मुसीबत बनेगा।

 तूफान पहले से ज्यादा शक्तिशाली हो रहे हैं

अब आने वाले तूफान ज्यादा तेज हवाएं लाते हैं, ज्यादा बारिश गिराते हैं और समुद्र में बड़ी लहरें पैदा करते हैं। कुछ तूफान सीधे तट से टकराते हैं—जैसे 2012 का हरीकेन सैंडी—और इस तरह की घटनाएं सबसे ज्यादा तबाही करती हैं।

कंप्यूटर मॉडल का भयानक अनुमान

वैज्ञानिकों ने हजारों काल्पनिक तूफानों और समुद्र के बढ़ते पानी को मिलाकर एक बड़ा कंप्यूटर मॉडल तैयार किया। इसके निष्कर्ष डराने वाले हैं:

100 साल में आने वाली बाढ़ – साल 2100 तक हर साल आएगी।

500 साल में आने वाली बाढ़ – अगर दुनिया ने बदलाव किए तो 60 साल में एक बार आएगी, और अगर कोई सुधार नहीं किया गया, तो हर 20 साल में एक बार।

न्यूयॉर्क और बोस्टन जैसे शहर—समुद्र का बढ़ता पानी इनका सबसे बड़ा खतरा होगा।

न्यू जर्सी और वर्जीनिया—यहां समुद्र का बढ़ रहा स्तर और शक्तिशाली तूफान दोनों मिलकर तबाही करेंगे।

छोटे तूफान भी अब बड़ा नुकसान करेंगे

कनाडा के वैज्ञानिक जेफ ओलरहेड का कहना है कि भविष्य में हल्के तूफान भी वैसा नुकसान कर सकते हैं, जैसा पहले सिर्फ बड़े तूफान करते थे।

उदाहरण के लिये, 2022 में कनाडा के तूफान फियोना ने 2 मीटर ऊंची समुद्री लहरें पैदा की थीं।
अगर समुद्र 1 मीटर और चढ़ गया, तो आधी ताकत वाला तूफान भी उतनी ही बड़ी तबाही ला सकता है। इसका सीधा मतलब है—जो बाढ़ 100 साल में एक बार आती थी, वह अब 2–3 साल में घरों में घुस जाएगी।

सबसे अहम सवाल – हम क्या कर सकते हैं?

वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रकृति के बदलावों को समझा जा चुका है, लेकिन असली चिंता यह है कि इंसान क्या कदम उठाएंगे। दुनिया के नेता कोयला, पेट्रोल और उद्योगों से निकलने वाले कार्बन उत्सर्जन को कितनी ईमानदारी से कम करते हैं, इसी पर भविष्य निर्भर है।

आपदाओं से बचने के लिए होंगी आवश्यक ये पहल

घर ऊंचाई पर और तट से दूर बनाना – नए निर्माण ऐसे स्थानों पर हों जहां पानी पहुंच ही न सके।

बिल्डिंग के नियम बदलना – जो मानक 100 साल वाली बाढ़ पर आधारित थे, उन्हें तुरंत अपडेट करना होगा।

पुरानी इमारतों को मजबूत बनाना – घरों के नीचे प्लेटफॉर्म ऊंचे करना, मजबूत दीवारें बनाना, पानी रोकने की तकनीक अपनाना।

प्राकृतिक सुरक्षा संरक्षित करना – समुद्री रेत के टीले, मैंग्रोव जंगल और दलदल को बचाना होगा, क्योंकि ये प्राकृतिक ढाल हैं।

हर शहर में नए बाढ़ मानचित्र बनाना – ताकि पता चले कि अब किन इलाकों में पानी घुसेगा।

वैज्ञानिकों की अंतिम चेतावनी

जो बाढ़ आज “100 साल में एक” कही जाती है, वह भविष्य में “हर साल की” घटना बन जाएगी।
अगर अभी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले 50–60 सालों में हमारे बच्चे हर साल अपने घरों को पानी में डूबता देखेंगे।

अब भी समय है – पेड़ लगाएं, ऊर्जा बचाएं, और सरकारों से मांग करें कि जलवायु परिवर्तन को गंभीरता से लिया जाए।

(प्रस्तुति – अर्चना शैरी)

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