Speak Sanskrit: संस्कृत संभाषण के शिक्षण का अभियान निरंतर गतिमान है..डॉ. मुकेश कुमार ओझा के नेतृत्व में निरन्तर 38वाँ ऑनलाइन संस्कृत संभाषण शिविर संपन्न हुआ..
”विचारों की धनी, सरलता एवं सादगी की प्रतिमूर्ति तथा देववाणी संस्कृत के प्रति आजीवन समर्पित डॉ. मिथिलेश कुमारी मिश्र निश्चय ही संस्कृत भाषा की अमर संरक्षिका के रूप में सदा स्मरण की जाएँगी।”
उक्त बातें “आधुनिको भव, संस्कृतं वद” अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार संस्कृत संजीवन समाज के महासचिव डॉ. मुकेश कुमार ओझा ने 24 नवंबर 2025 को पटाना में डॉ. मिथिलेश कुमारी मिश्र स्मृति अन्तर्जालीय अन्तर्राष्ट्रीय दश-दिवसीय संस्कृत शिक्षण एवं सम्भाषण शिविर के निरन्तर 38वें समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही।
अपने उद्घाटन उद्बोधन में अभियान के प्रधान संरक्षक एवं उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा न्यायाधिकरण के माननीय सदस्य डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि डॉ. मिथिलेश कुमारी मिश्र संस्कृत साहित्य के प्रति पूर्णतः समर्पित थीं।
डॉक्टर सिंह ने यह भी घोषणा की कि आगामी 7 दिसम्बर को पटना स्थित राजकीय संस्कृत महाविद्यालय में उनकी जयंती के शुभ अवसर पर “डॉ. मिथिलेश कुमारी मिश्र साधक सम्मान” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सौ से अधिक संस्कृत अनुरागियों को सम्मानित किया जाएगा।
मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के पूर्व संयुक्त निदेशक (पेंशन विभाग) श्री धर्मेन्द्र पाण्डेय त्रिपाठी ने कहा कि संस्कृत भारत की प्राणभूत भाषा है।
समारोह के प्रमुख वक्ता श्री शैलेन्द्र कुमार सिन्हा रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. अनिल कुमार चौबे, डॉ. अवन्तिका कुमारी, उग्र नारायण झा, डॉ. नीरा कुमारी, डॉ. बिधु बाला, डॉ. लीना चौहान, डॉ. उमाशंकर सिंह, श्रद्धा कुमारी एवं महेश मिश्र सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर डॉ. मिथिलेश कुमारी मिश्र संस्कृत सम्भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. रागिनी कुमारी, मुरलीधर शुक्ल, पंकज कुमार, हर्षित राय, विमलेश पाण्डेय, बीजेन्द्र सिंह, भव्या राज, आयुष नन्दन, पारस नाथ, अजीत कुमार त्रिवेदी, डॉ. कौशलेंद्र कुमार, रीना चौहान, चारू, प्रशान्त कुमार, निपुण आदि की प्रस्तुतियाँ सराहनीय रहीं।
प्रतियोगिता में पुरस्कार वितरण इस प्रकार रहा:
प्रथम पुरस्कार – डॉ. रागिनी कुमारी एवं मुरलीधर शुक्ल
द्वितीय पुरस्कार – पंकज कुमार एवं हर्षित राय
तृतीय पुरस्कार – विमलेश पाण्डेय, बीजेन्द्र सिंह, भव्या राज
विशेष पुरस्कार – आयुष नन्दन, पारस नाथ, अजीत कुमार त्रिवेदी, डॉ. कौशलेंद्र कुमार एवं रीना चौहान को प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का वैदिक मंगलाचरण उग्र नारायण झा, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. लीना चौहान एवं ऐक्य मंत्र डॉ. नीरा कुमारी द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर सभी सदस्यों ने अभियान के प्रधान संरक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह को उनके जन्मदिवस की हार्दिक बधाई भी दी।



