Pension -LPG- Life Certificate & Tax: तीन दिन बाद ही अर्थात दिसंबर की पहली तारीख से पांच नियम बदलने वाले हैं जिसका असर आप पर भी पड़ सकता है..ऐसे में आपके लिये आवश्यक है ये जानना कि नये नियम क्या होंंगे..
नवंबर खत्म होने वाला है और दिसंबर की शुरुआत के साथ कई बड़े वित्तीय नियम बदल जाएंगे। इन बदलावों का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। LPG सिलेंडर से लेकर पेंशन, टैक्स और ईंधन की कीमतों तक, कई नियम 1 दिसंबर से लागू होंगे। आइए समझते हैं कि नया महीना आपकी जेब को कैसे प्रभावित करेगा।
पहला बदलाव – LPG गैस सिलेंडर के दाम
सबसे पहले बात करते हैं LPG गैस सिलेंडर की। सरकार आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को LPG के दाम बदलती है। यह बदलाव घरेलू और कमर्शियल दोनों सिलेंडरों में होता है। नवंबर में कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 6.50 रुपये की कटौती की थी। हालांकि घरेलू रसोई गैस की कीमतें लंबे समय से स्थिर हैं। अब 1 दिसंबर को यह देखा जाएगा कि कंपनियां दाम बढ़ाती हैं या घटाती हैं।
दूसरा बदलाव- यूपीएस की डेडलाइन
दूसरा बड़ा बदलाव यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी UPS से जुड़ा है। सरकारी कर्मचारियों के लिए NPS और UPS में से एक विकल्प चुनने की आखिरी तारीख 30 नवंबर रखी गई है। इससे पहले यह तारीख 30 सितंबर थी, जिसे आगे बढ़ा दिया गया था। अगर कोई कर्मचारी अपना विकल्प नहीं चुनता, तो 1 दिसंबर के बाद यह मौका शायद नहीं मिले।
तीसरा बदलाव- लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना
तीसरा नियम पेंशन से जुड़ा है। वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन जारी रहने के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना जरूरी होता है। इसकी अंतिम तारीख 30 नवंबर है। यदि कोई व्यक्ति यह प्रमाणपत्र जमा नहीं कर पाता, तो उसकी पेंशन रोक दी जाएगी, जब तक यह दस्तावेज जमा नहीं होता।
चौथा बदलाव- टैक्स का नियम
अब आते हैं टैक्स के नियम पर। अगर आपकी अक्टूबर में TDS कटौती हुई है, तो आपको आयकर विभाग के सेक्शन 194-IA, 194-IB, 194M और 194S के अनुसार जरूरी स्टेटमेंट 30 नवंबर तक जमा करना होगा। इसके अलावा, जिन लोगों को सेक्शन 92E के तहत रिपोर्ट भरनी है, उन्हें भी यही अंतिम तारीख दी गई है।
पांचवा बदलाव- CNG-PNG और जेट फ्यूल
आखिरी बदलाव ईंधन की कीमतों से जुड़ा है। हर महीने की शुरुआत में तेल कंपनियां CNG, PNG और ATF यानी जेट फ्यूल के दाम अपडेट करती हैं। दिसंबर की शुरुआत में भी इनकी कीमतें बढ़ या घट सकती हैं। ATF वह ईंधन है जिसका इस्तेमाल हवाई जहाजों में किया जाता है, और इसके घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के दाम अलग-अलग होते हैं।
(अर्चना शैरी)



