Bollywood: आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी नई फिल्म में याददाश्त खोने का दिलचस्प ट्विस्ट—जुनैद खान और साईं पल्लवी की कहानी, जापान में घटती घटनाएं और TGA जैसी असली बीमारी का कनेक्शन जानिए इस अनोखी मूवी रिव्यू में..
बरसों पहले आमिर खान एक फ़िल्म लेकर आए थे जिसमें उनकी यादाश्त हर 15 मिनट बाद, बाकायदा अलार्म लगाकर चली जाती थी।
अब उन्हीं के प्रोडक्शन से उनके बेटे की फ़िल्म आई है जिसमें हिरोइन की यादाश्त चली जाती है।
लेकिन यहाँ हिरोइन वाली यादाश्त में ट्विस्ट है। ट्विस्ट समझने के लिए पहले दब्बू लाल की कहानी जाननी पड़ेगी।
रोहन दब्बू उर्फ जुनैद खान एक बड़ी कंपनी में आईटी इंजीनियर है। साईं पल्लवी उर्फ मीरा वहाँ स्टाफ है। जुनैद जम के पल्लवी को स्टॉक करता है, उसके सपने देखता है, उसके नाम की आहें भरता है पर उससे ठीक से बात भी नहीं कर पाता।
अब यहाँ आता है कंपनी का बॉस, अपना कुणाल कपूर, जो बताता है कि कंपनी को 160 पर्सेन्ट का प्रॉफ़िट हुआ है इसलिए सबको जापान घुमाने ले चलेगा।
पूरी मंडली पहुँचती है जापान और वहाँ मिलता है एक घंटा…. लेकिन ये कोई ऐसा वैसा घंटा नहीं है, इस घंटे को बजाकर सच्चे दिल से जो भी मांगों उसका मिलना पार होता है। जुनैद माँग लेता है कि पल्लवी मुझे मिल जाए, भले एक दिन के लिए ही सही। भैया मन से ग़रीब हैं, चुनौटी भी प्लास्टिक का रखते हैं!
इसी रात बिचारी साईं पल्लवी गाड़ी के आगे आ जाती है और उसे टीजीए हो जाता है। टीजीए में पैशन्ट की रीसन्ट मेमरी गायब हो जाती है। पल्लवी होश में आते ही पूछती है कि तू कौन बे? मैंने तो जमनापार जाने की कैब ली थी, ये जापान कैसे आई?
लेकिन, डॉक्टर सालुखे की चेली रह चुकी जापानी डॉक्टर सुरेखा बताती हैं कि ये यादाश्त टेम्पररी लॉस्ट हुई है। अभी ठीक करके दे दूँगी, बस 24 घंटे इंतेज़ार करो।
अब इस एक दिन में अपना हीरो अपनी हिरोइन को घुमाना फिराना गोलगप्पे सूशी खिलाना नचाना भगाना गले मिलाना सब कर लेता है क्योंकि… ट्विस्ट यहाँ है
क्योंकि जब साईं पल्लवी की जापान पहुँचने वाली यादाश्त आयेगी, तब उसकी ये, अपने दब्बू लड़के के साथ बिताए एक दिन की याद एक्सचेंज ऑफर में चली जायेगी।
ये इतनी interesting बीमारी है कि मैंने सोचा लाओ इसके बारे में और जाने… तब पेनस्टेट हेल्थ डिपार्ट्मन्ट की एक डॉक्टर सैंडरा से पता चला कि ट्रांसिएंट ग्लोबल ऐम्नेशिया वाकई एक बीमारी है जिसमें पिछले 1 घंटे से 8-10 घंटे तक की यादाश्त चली जाती है। मरीज अचानक से मैं यहाँ क्या कर रहा हूँ, कैसे आया आदि फुददुपने के सवाल पूछने लगता है। फिर 24 से 48 घंटे के में उसे सब याद भी आ जाता है।
इस बीमारी के कारण भी यूनीक हैं।
टीजीए का मुख्य वजह कोई एक्सीडेंट नहीं बल्कि बहुत स्ट्रेस, लंबी अनिंद्रा और अत्यधिक सेक्शुअल इंटरकोर्स है। एक घुँघराले बाल वाले डॉक्टर ने तो बताया कि साल में 5-6% केस टीजीए के आते हैं तो उनमें से 70% संभोग के बाद के ही होते हैं।
हालाँकि किसी भी डॉक्टर ने अबतक ये कन्फर्म नहीं किया कि एक स्विच ऑन होगा तो दूसरा बंद हो जायेगा। मतलब पिछली यादाश्त आयेगी तो अगली चली जायेगी। ये कमाल अपनी फ़िल्म्स के लिए एक्सक्लूसिव है।
जुनैद को उम्मीद होगी कि सैयारा में हिरोइन के भेजे की बत्ती गुल हुई, पिच्चर हिट हो गई। शायद ये भी हो जाए।
आप भी ये पिक्चर देखकर थिएटर से निकलेंगे तो जुनैद को तुरंत भूल जायेंगे पर साईं पल्लवी के लाल-लाल गाल 24 घंटे बाद भी याद आयेंगे।
(सिद्धार्थ अरोड़ा सहर)
इसे भी पढ़ें: Asha Bhosle: कभी तन्हाइयों में यूं तुम्हारी याद आएगी
इसे भी पढ़ें: Sunil Grover: मिमिकरी क्या कमाल करी कादर खान की !



