Iran War: ईरान पर नेतन्याहू का बड़ा बयान: ‘हमारा काम अभी खत्म नहीं हुआ’, शांति वार्ता पर मंडराए युद्ध के बादल..
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता की अटकलों के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान में इजरायल का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में शांति स्थापित करने की कोशिशें तेज हो रही हैं।
सीजफायर की पृष्ठभूमि
पिछले दो सप्ताह से अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच एक सीजफायर लागू है, जो 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। इस सीजफायर के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति वार्ता की कोशिशें की गईं। लेकिन नेतन्याहू के ताजा बयान ने संकेत दिया है कि इजरायल ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई रोकने के मूड में नहीं है।
स्मृति दिवस समारोह में बयान
नेतन्याहू ने यह बयान यरूशलेम में आयोजित स्मृति दिवस समारोह के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान में इजरायल ने जो अभियान शुरू किया है, वह अभी अधूरा है। इस बयान को विशेषज्ञ संभावित युद्ध की चेतावनी मान रहे हैं।
अमेरिका की भूमिका
दूसरी तरफ, अमेरिका इस तनाव को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अमेरिका ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में फिर से शांति वार्ता शुरू करने की तैयारी की है। वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
11 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच पहली दौर की वार्ता हुई थी। अमेरिका की तरफ से जेडी वेंस और ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अराघची ने बातचीत का नेतृत्व किया। लेकिन ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। नतीजतन, वार्ता असफल रही।
दूसरा दौर की वार्ता
अब खबर है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता हो सकती है। हालांकि ईरान ने इसमें शामिल होने को लेकर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका बातचीत के दौरान कुछ अनुचित शर्तों पर जोर दे रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय नजरें
दुनिया भर की नजरें इस समय इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलेगा या फिर हालात युद्ध की ओर बढ़ेंगे। नेतन्याहू के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इजरायल ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
संभावित असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर शांति वार्ता विफल होती है तो मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है। ईरान और इजरायल के बीच सीधा टकराव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को भी प्रभावित कर सकता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर असर पड़ना तय है।
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू का बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया है। जहां अमेरिका शांति वार्ता के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है, वहीं इजरायल ने साफ कर दिया है कि उसका ईरान में अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या बातचीत से समाधान निकलता है या हालात युद्ध की ओर बढ़ते हैं।
(त्रिपाठी पारिजात)



