Tuesday, May 26, 2026
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Justice to Twisha: सीबीआई का फंदा तलाशेगा गुनाहगारों की गर्दन ? – 7 सवालों को जवाब चाहिये

ट्विशा शर्मा मौत मामला: CBI ने संभाली जांच, अब इन 7 बड़े सवालों के जवाब तलाशेगी एजेंसी, क्या बढ़ेंगी गिरिबाला सिंह की मुश्किलें?

भोपाल की ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब CBI के हाथों में पहुंच गई है। दहेज प्रताड़ना, चोट के निशान, आखिरी फोन कॉल और जांच प्रभावित करने के आरोपों के बीच एजेंसी 7 बड़े सवालों के जवाब तलाश रही है।

भोपाल में हुई ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत अब राष्ट्रीय स्तर का चर्चित मामला बन चुकी है। इस केस में लगातार उठ रहे सवालों और बढ़ते विवाद के बीच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने जांच की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है। सोमवार को एजेंसी ने इस मामले में आधिकारिक रूप से FIR दर्ज की और राज्य पुलिस से केस की फाइलें तथा सबूत अपने कब्जे में ले लिए।

CBI की स्पेशल क्राइम यूनिट तुरंत भोपाल पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। एजेंसी अब उन अहम सवालों के जवाब खोजने में जुट गई है, जिनका अब तक कोई स्पष्ट उत्तर सामने नहीं आया है। ट्विशा की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई साजिश छिपी हुई थी, यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। इस घटना के बाद से ही परिवार लगातार हत्या और दहेज प्रताड़ना के आरोप लगा रहा था। मामला बढ़ता देख अब इसकी जांच CBI को सौंप दी गई है।

CBI ने इस केस में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के साथ दहेज प्रतिषेध कानून की धाराएं भी जोड़ी हैं। एजेंसी ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है। अब दोनों की भूमिका की गहराई से जांच की जाएगी।

इस केस में सबसे ज्यादा चर्चा ट्विशा के आखिरी फोन कॉल को लेकर हो रही है। FIR के अनुसार, घटना वाली रात ट्विशा ने रात 9 बजकर 41 मिनट पर अपनी मां से फोन पर बात की थी। परिवार का कहना है कि बातचीत के दौरान पीछे से पति समर्थ सिंह के चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही थी। कुछ ही देर बाद फोन अचानक कट गया।

इसके बाद जब परिवार ने बार-बार कॉल किया तो फोन सास गिरिबाला सिंह ने उठाया। आरोप है कि उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि ट्विशा अब इस दुनिया में नहीं रही और फिर फोन काट दिया। अब CBI यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि उस रात आखिर घर के अंदर क्या हुआ था और फोन कटने से पहले किस बात को लेकर विवाद चल रहा था।

इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती रिपोर्ट में मौत का कारण फंदे से लटकना बताया गया है, लेकिन इसके साथ ही शरीर पर कई चोटों के निशान भी पाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक ये चोटें मौत से पहले लगी थीं और किसी भारी या कठोर चीज के कारण हो सकती हैं।

यही वजह है कि अब यह मामला सिर्फ आत्महत्या तक सीमित नहीं रह गया है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं ट्विशा के साथ मारपीट तो नहीं हुई थी। परिवार लगातार दावा कर रहा है कि ट्विशा की हत्या की गई है और बाद में पूरे मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

ट्विशा के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। परिवार के मुताबिक, 9 दिसंबर 2025 को शादी होने के बाद से दहेज को लेकर लगातार विवाद चल रहा था। ससुराल वाले दिए गए सामान और पैसों से संतुष्ट नहीं थे।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि पैसों के लेन-देन को लेकर घर में लगातार तनाव रहता था। इसी वजह से ट्विशा काफी परेशान रहने लगी थीं। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार अपमानित किया जाता था और घरेलू हिंसा का भी सामना करना पड़ रहा था।

इस पूरे मामले में गिरिबाला सिंह की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पूर्व जिला न्यायाधीश होने के कारण वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रही थीं। परिवार का कहना है कि मीडिया में दिए जा रहे उनके बयान जांच को दूसरी दिशा में मोड़ने का प्रयास हैं।

गिरिबाला सिंह लगातार कई टीवी चैनलों पर इंटरव्यू देती नजर आईं, जहां उन्होंने ट्विशा की मानसिक स्थिति और इलाज को लेकर कई बातें कहीं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि यह सब जांच को भटकाने की रणनीति हो सकती है। अब CBI यह भी जांच करेगी कि कहीं किसी ने सबूत मिटाने या मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं की।

घटना वाली रात समर्थ सिंह ट्विशा को रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर AIIMS भोपाल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल के डॉक्टरों ने 13 मई की रात 12 बजकर 5 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि ट्विशा को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था।

इस केस में एक और बड़ा सवाल पुलिस कार्रवाई में हुई देरी को लेकर भी है। अस्पताल से सूचना मिलने के बावजूद भोपाल पुलिस ने FIR दर्ज करने में लगभग दो दिन का समय लगा दिया। मामला 15 मई को दर्ज किया गया। अब CBI यह भी जांच करेगी कि इस देरी के पीछे क्या कारण था और क्या किसी स्तर पर लापरवाही या दबाव था।

CBI अब जिन मुख्य सवालों पर फोकस कर रही है, उनमें ट्विशा की असली मौत का कारण, शरीर पर मिले चोटों की सच्चाई, आखिरी घंटों की घटनाएं, दहेज प्रताड़ना के आरोप, पैसों के विवाद और जांच प्रभावित करने की कोशिश जैसे मुद्दे शामिल हैं।

इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि जांच निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से होनी चाहिए। कोर्ट ने पीड़ित और आरोपी दोनों पक्षों से अपील की कि वे मीडिया में बयानबाजी करने से बचें और अपनी बात सीधे जांच एजेंसी के सामने रखें।

अब पूरे देश की नजर इस हाई-प्रोफाइल केस पर टिकी हुई है। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर ट्विशा शर्मा की मौत के पीछे की असली सच्चाई क्या है। क्या यह आत्महत्या थी, या फिर किसी बड़ी साजिश का हिस्सा? इन सवालों का जवाब अब CBI की जांच से ही सामने आएगा।

(त्रिपाठी पारिजात)

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